TIL Desk रियाद :👉सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हाल ही में हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर को हुए भीषण हूती हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली के जनाजे में सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल खुद शामिल हुए। भारतीय दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि राजदूत विपुल के साथ दूतावास के कई वरिष्ठ अधिकारी सोमवार देर रात आयोजित इस अंतिम विदाई सेवा (Funeral Service) का हिस्सा बने। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की, अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और मुश्किल की इस घड़ी में सरकार की ओर से हर संभव सहायता जारी रखने का पक्का भरोसा दिया।

हैदराबाद के रहने वाले 46 वर्षीय आईटी इंजीनियर मोहम्मद यूसुफ अली अपने परिवार के साथ उमराह की पवित्र यात्रा के लिए जा रहे थे, तभी शनिवार को हवाई अड्डे को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन से यह कायरतापूर्ण हमला किया गया। इस स्ट्राइक में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और अगले दिन इलाज के दौरान अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। पीड़ित परिवार की इच्छा और सहमति के बाद उनके अंतिम संस्कार की सभी औपचारिकताएं रियाद में ही पूरी की गईं, जिसमें भारतीय मिशन ने बढ़-चढ़कर प्रशासनिक मदद पहुंचाई।

इस भीषण हमले में 13 लोगों की असमय मौत हो चुकी है, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हैं। घायलों में 10 अन्य भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिनमें से कुछ अभी भी सघन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती हैं। भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और घायल नागरिकों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित कराने के लिए सऊदी अधिकारियों का आभार व्यक्त कर चुके हैं।

भारत सरकार ने सऊदी अरब में आम नागरिकों और असैन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर किए जा रहे इन हवाई हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इस कृत्य को पूरी तरह से 'अस्वीकार्य' करार देते हुए इन हमलों को तत्काल रोकने की अपील की है। इसके साथ ही, रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सऊदी में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने, स्थानीय प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और मिसाइल रोधी अभियानों की वीडियो या तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा न करने की सख्त हिदायत दी है।