TIL Desk अहमदाबाद:👉गुजरात के राजनीतिक गढ़ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए एक बेहद बड़ी और उत्साहजनक खबर आ रही है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को घोषित हुए स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों में भाजपा ने गांधीनगर नगर निगम (GMC) पर अपना अभेद्य कब्जा बरकरार रखा है। 11 वार्डों की कुल 44 सीटों के लिए हुए इस त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा ने प्रचंड प्रदर्शन करते हुए 38 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। इस एकतरफा जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य में भाजपा की चुनावी मशीनरी को हिला पाना विरोधियों के लिए बेहद कठिन है।
राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी ने पिछले चुनाव के मुकाबले थोड़ा सुधार करते हुए 5 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार बाजी मारने में सफल रहा। इस चुनाव का सबसे बड़ा झटका आम आदमी पार्टी (AAP) को लगा है। पिछले निगम चुनाव में एक सीट जीतकर खाता खोलने वाली अरविंद केजरीवाल की पार्टी इस बार पूरी तरह साफ हो गई और अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही। हालांकि, भाजपा का प्रदर्शन 2021 के पिछले चुनाव (41 सीटें) की तुलना में महज 3 सीट कम रहा, लेकिन कुल संख्या बल के लिहाज से यह विपक्षी खेमे को पस्त करने के लिए काफी है।
वार्ड-वार नतीजों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि भाजपा ने कुल 8 वार्डों में क्लीन स्वीप करते हुए चारों-चार सीटों पर एकतरफा जीत हासिल की है। दो अन्य वार्डों में पार्टी ने तीन-तीन सीटें अपने नाम कीं। हालांकि, वार्ड नंबर 6 में पार्टी को बड़ा झटका लगा, जहां कांग्रेस ने चारों सीटों पर कब्जा जमाकर भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया। इस सीट के अलावा कांग्रेस को सिर्फ एक और सीट पर जीत नसीब हुई।
गांधीनगर के साथ-साथ गुजरात की थरा और ओखा नगरपालिकाओं में भी कमल खिला है जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी जश्न का माहौल है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह जीत गृह मंत्री अमित शाह के संसदीय क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों और जनता के अटूट भरोसे का नतीजा है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह परिणाम राज्य में भविष्य के बड़े चुनावी मुकाबलों से पहले विपक्ष का हौसला तोड़ने और भाजपा की पकड़ को और अधिक मजबूत करने वाला साबित होगा।













