TIL Deskनई दिल्ली:👉 भारतीय क्रिकेट टीम के न्यूजीलैंड दौरे की शुरुआत से ठीक पहले प्लेइंग इलेवन को लेकर बहस तेज हो गई है। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ समाप्त हुई सीरीज के बाद अब सभी की नजरें आगामी सीरीज के संयोजन पर टिकी हैं। इस बीच, टीम इंडिया के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने को लेकर चल रहे कयासों पर अपनी महत्वपूर्ण राय रखी है। नायर का मानना है कि भले ही 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अपने आक्रामक प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है, लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियमित मौकों के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।

सैमसन के अनुभव पर भरोसा क्यों?
जिओ स्टार (JioStar) से बातचीत के दौरान अभिषेक नायर ने विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि संजू सैमसन एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो फैंस और समीक्षकों की भावनाओं के साथ खेलते हैं। अक्सर दो या तीन पारियों में असफल होने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें बाहर करने और वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने की मांग उठने लगती है। नायर ने स्पष्ट किया कि किसी भी खिलाड़ी का चयन केवल उसके व्यक्तिगत रिकॉर्ड के आधार पर नहीं, बल्कि टीम संतुलन और संस्कृति (Team Culture) को ध्यान में रखकर किया जाता है। संजू ने पूर्व में टीम की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई है, इसलिए उन्हें एक लंबा रन दिया जाना बेहद जरूरी है।

वैभव सूर्यवंशी को करना होगा सब्र
आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले युवा खब्बू बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर नायर ने कहा कि वह एक बेहतरीन प्रतिभा हैं और भविष्य में भारत के लिए बड़ी संपत्ति साबित होंगे। हालांकि, अचानक किसी सीनियर खिलाड़ी को ड्रॉप कर उन्हें टीम में शामिल करना ड्रेसिंग रूम के माहौल के लिए सही नहीं होगा। न्यूजीलैंड की तेज और उछाल भरी पिचों पर भारत को शीर्ष क्रम में स्थिरता और अनुभव की जरूरत होगी, जिसके चलते अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की सलामी जोड़ी को प्राथमिकता मिलना तय माना जा रहा है। ऐसे में वैभव को अपनी बारी के लिए बेंच पर धैर्य रखना होगा।

टीम मैनेजमेंट का यह फैसला दर्शाता है कि वे युवाओं को तराशने के साथ-साथ अनुभवी खिलाड़ियों को पर्याप्त सुरक्षा देने की नीति पर अडिग हैं। अब देखना होगा कि 22 अक्टूबर से शुरू हो रही इस सीरीज में संजू सैमसन इस भरोसे पर कितने खरे उतरते हैं।