TIL Desk नई दिल्ली:👉हवा में मौत से जूझकर 182 जिंदगियां बचाने वाले जांबाज पायलट कैप्टन स्मित (स्मिथ) मच्छार के लिए अब राष्ट्रीय सम्मान की मांग उठने लगी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखकर उन्हें वीरता पुरस्कार देने का अनुरोध किया है।

कॉकपिट में हुआ था जानलेवा हमला
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में 30 सितंबर को हवा में एक बेहद खौफनाक और अप्रत्याशित घटना घटी। उड़ान के दौरान विमान के ओमान मूल के फर्स्ट ऑफिसर (सह-पायलट) ने अचानक पायलट-इन-कमांड कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी (क्रैश एक्स) और चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए और लहूलुहान हो गए। कॉकपिट के भीतर पैदा हुई इस जानलेवा स्थिति के कारण एक समय विमान तेजी से नीचे की तरफ गिरने लगा था।

खून से लथपथ होने के बाद भी नहीं खोया हौसला
गंभीर रूप से चोटिल होने और अत्यधिक खून बहने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने अपना मानसिक संतुलन और अदम्य साहस नहीं खोया। उन्होंने न केवल हमलावर सह-पायलट का डटकर मुकाबला किया, बल्कि बेहद सूझबूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा भी खोल दिया, जिससे यात्रियों और अन्य क्रू मेंबर्स को अंदर आकर हमलावर को काबू करने का मौका मिल सका। चोटों के असहनीय दर्द के बीच भी उन्होंने विमान पर अपना नियंत्रण पूरी तरह बनाए रखा। उन्होंने असाधारण निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए सुरक्षित रूप से विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया और वहां इमरजेंसी लैंडिंग कराई। उनकी इस जांबाजी की बदौलत विमान में सवार 174 यात्रियों और 8 क्रू मेंबर्स (कुल 182 लोग) की जान सुरक्षित बच सकी।

पायलट संघ ने लिखा पीएम मोदी को पत्र
इस अभूतपूर्व बहादुरी को देखते हुए भारतीय पायलट संघ (FIP) के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा है। संघ ने पीएमओ से सिफारिश की है कि कैप्टन स्मित के इस सर्वोच्च साहस और अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार या उपयुक्त सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जाए। FIP ने कहा कि पायलटों को तकनीकी और मौसम की आपात स्थितियों से निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है, लेकिन कॉकपिट के अंदर ही जानलेवा हमले जैसी अप्रत्याशित चुनौती के बीच 182 लोगों की जान बचाना एक असाधारण मिसाल है।

वैश्विक स्तर पर सराहना
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कैप्टन स्मित को 'वीर पुरुष' और असली हीरो बताते हुए उनकी सराहना की है। वहीं, गुजरात सरकार ने भी उन्हें 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार' देने की घोषणा की है।