• यह महोत्सव 21 से 25 दिसम्बर 2025 तक राजगीर, नालंदा (बिहार) में आयोजित होगा

TIL Desk पटना:👉 नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल (NLF) 2025 की आधिकारिक घोषणा मुंबई में की गई। यह महोत्सव 21 से 25 दिसम्बर 2025 तक बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर, नालंदा में आयोजित होगा। यह उत्सव भाषा, साहित्य और परंपरा के अद्भुत संगम का प्रतीक बनेगा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात अभिनेता, संसद सदस्य और सांस्कृतिक आइकन शत्रुघ्न सिन्हा उपस्थित रहे। उनके साथ चेयरपर्सन डी. आलिया, धानु बिहार के ट्रस्टी धन्नू बिहार, इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के अध्यक्ष अभय सिन्हा, फेस्टिवल डायरेक्टर गंगा कुमार और क्यूरेटर पंकज दुबे ने मंच साझा कर फेस्टिवल की रूपरेखा प्रस्तुत की।

साथ ही, नालंदा लिटरेचर डेवलपमेंट प्रोग्राम (15 सितम्बर 2025 से 26 मार्च 2026 तक) की घोषणा की गई, जिसके तहत संवाद, सृजनशीलता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने वाले कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।

इस मौके पर विनीत कुमार, अखिलेंद्र मिश्रा, शाहू पाटोले, अशोक पंडित, कैलाश खेर, सुधांशु पांडे, प्रदीप सिन्हा, रूमी जाफरी, चंदन कुमार, वैभव सुमन, श्रेया श्रीवास्तव और कोरल दासगुप्ता समेत कई जानी-मानी हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई।

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, “यह महोत्सव भारत की सांस्कृतिक धरोहर और साहित्यिक ऊर्जा का महाकुंभ होगा। यह हमारे गौरवशाली अतीत, जीवंत वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य के बीच सेतु का काम करेगा। कला, साहित्य और सिनेमा की नामचीन हस्तियों की मौजूदगी इसे भारत के आधुनिक इतिहास में सांस्कृतिक मील का पत्थर बना देगी।”

चेयरपर्सन डी. आलिया ने कहा, “नालंदा सिर्फ एक जगह नहीं है, यह भारत की अनंत ज्ञान-यात्रा का प्रतीक है। धानु बिहार और हमारे सहयोगियों के साथ, यह फेस्टिवल एक वैश्विक मंच बनेगा जहाँ ज्ञान, सृजनशीलता और संवाद की नई प्रेरणा मिलेगी।”

फेस्टिवल डायरेक्टर गंगा कुमार ने कहा, “नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल सिर्फ किताबों या लेखकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस बौद्धिक परंपरा से जुड़ने का माध्यम है जिसका प्रतीक नालंदा रहा है।”

IMPPA अध्यक्ष अभय सिन्हा ने कहा, “सिनेमा और साहित्य आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं। इस स्तर का फेस्टिवल हमें कहानी कहने की परंपरा को अलग-अलग रूपों में मनाने का अवसर देता है।”

क्यूरेटर और बेस्टसेलिंग लेखक पंकज दुबे ने कहा, “नालंदा प्राचीन ज्ञान और आधुनिक कथाओं का संगम है। इस फेस्टिवल का उद्देश्य उसी सेतु को जीवित और सशक्त बनाए रखना है।”

यह इव्हेंट में NLF वेबसाइट का शुभारंभ भी किया गया, जो कार्यक्रम की जानकारी, वक्ताओं की सूची और सहभागिता के अवसर प्रदान करेगी।

इसके साथ ही, 10 से अधिक प्रवासी भारतीय देशों से विशेष अतिथियों की भागीदारी इसे वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर का उत्सव बनाएगी।