* मुल्क में अमन, भाईचारा और प्रदेश की खुशहाली के लिए हुई इज्तिमाई दुआ

 * नेपाल बाढ़ त्रासदी के मृतकों की मग़फ़िरत और शांति के लिए भी मांगी गई दुआ

* उर्स में रातभर गूंजी सूफ़ी कव्वाली, लंगर में उमड़ा अकीदतमंदों का हुजूम

TIL Desk लखनऊ:👉 राजधानी के माल एवेन्यू स्थित हज़रत मोहम्मद अली शाह दादा मियां रहमतुल्लाह अलैह के मुबारक उर्स का आयोजन पूरी धार्मिक श्रद्धा और अकीदत के साथ जारी है। इस रूहानी मौके पर उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन और समाजसेवियों की ओर से अकीदत की चादर पेश की गई।इस अवसर राज्य मुख्यालय से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार डी.पी. शुक्ला  विशेष रूप से मौजूद रहे। 

इस दौरान सज्जादा नशीन व मुतवल्ली हज़रत ख़्वाजा शबाहत हसन शाह की मौजूदगी में मुल्क में आपसी भाईचारा, अमन-ओ-चैन, सुख-शांति और उत्तर प्रदेश की तरक्की व खुशहाली के लिए इज्तिमाई तौर पर ख़ास दुआ की गई। साथ ही नेपाल में आई भीषण बाढ़ में जान गंवाने वालों की मग़फ़िरत और उनके परिजनों को सब्र अता करने की दुआ भी की गई।मजार शरीफ पर समाज के सभी वर्गों, पत्रकारों और उनके परिवारों की खुशहाली, सेहत और कामयाबी के लिए भी अल्लाह तआला से विशेष दुआएं मांगी गईं। इस रूहानी महफिल में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने दरगाह पर हाज़िरी देकर अपनी अकीदत का इज़हार किया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के चेयरमैन अज़ीज़ सिद्दीकी, अध्यक्ष जुबैर अहमद और महामंत्री अब्दुल वहीद ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि हज़रत दादा मियां की दरगाह सदियों से मोहब्बत, इंसानियत और गंगा-जमुनी तहज़ीब की पहचान रही है। ऐसे रूहानी आयोजन समाज में आपसी भाईचारा, सौहार्द और एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि आज देश और दुनिया को नफ़रत नहीं, बल्कि सूफ़ी संतों की शिक्षा—मोहब्बत, अमन और इंसानियत—की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह तआला मुल्क को तरक्की, अमन-ओ-सलामती से नवाज़े और हर इंसान की ज़िंदगी में खुशहाली अता फरमाए।

इस मौके पर उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के चेयरमैन अज़ीज़ सिद्दीकी, अध्यक्ष जुबैर अहमद, महामंत्री अब्दुल वहीद, सचिव तौसीफ हुसैन,वामिक खान, परवेज़ अख़्तर, मुर्तुजा अली, मोहम्मद अली साहिल, इमरान खान, आमिर मुख़्तार, कुदरत उल्ला खान, जसबीर गांधी, आरिफ मुकीम, शादाब कुरैशी, आफाक अहमद, मोहम्मद सलमान, दानिश हसन खान, सौरभ श्रीवास्तव, अमरजीत, वसी अहमद सिद्दीकी, तनवीर अहमद, बॉलीवुड छायाकार शिवम सिंह, डॉ. मुहम्मद आदिल, डॉ. खतीबुर्रहमान वारसी, इरशाद आरफी, हसन वारिस वारसी, हुसैन वारिस वारसी,मो कैफ सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
दरगाह के सज्जादा नशीन हज़रत ख़्वाजा शबाहत हसन शाह ने बताया कि दादा मियां के उर्स में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और अकीदतमंद पहुंचकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। रातभर सूफ़ियाना कव्वालियों की महफ़िल सजती है, जो इश्क़-ए-इलाही और इंसानियत का पैग़ाम देती है। वहीं आने वाले सभी ज़ायरीन के लिए लंगर का आयोजन और वितरण लगातार किया जाता है, जो इस उर्स की खास रिवायत है।