* हस्त ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ साहित्यिक कार्यक्रम, प्रमुख शायरों एवं कवियों ने दीं शानदार प्रस्तुतियां ।
* मुख्य अतिथि अरुणेश मिश्रा ने साहित्य को समाज को जोड़ने वाला सशक्त माध्यम बताया ।
TIL Desk लखनऊ:👉 सुखनवर एवं साहित्य परंपरा (दिल्ली) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को ‘सुखनवर 2.0’ शायरी एवं कविता संध्या का आयोजन हस्त ऑडिटोरियम, आईआईएम रोड, लखनऊ में किया गया। द अवियान लक्स सेरेनिटी द्वारा प्रस्तुत इस साहित्यिक संध्या में उर्दू-हिंदी अदब की समृद्ध परंपरा को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर जीवंत किया गया। कार्यक्रम में ग़ज़ल, नज़्म और कविता की प्रस्तुतियों ने साहित्य प्रेमियों को साहित्य के विविध रंगों से रूबरू कराया।
मुख्य अतिथि अरुणेश मिश्रा ने कहा कि साहित्य समाज को संवेदनशील बनाने और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। शायरी और कविता हमारी सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ‘सुखनवर 2.0’ जैसे आयोजन साहित्य की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास हैं।
कार्यक्रम में ज्ञान प्रकाश अकुल, श्वेता शुक्ला, कमल किशोर भावुक, आलोक अर्थ, तारिक अब्र, रिंकू सिंह राज, रम्ज़ देहलवी, नीरज पांडेय, अमित पांडेय, राहुल शर्मा, नेम सिंह, अरहम सुल्तानपुर, सफीर रे एवं अभय विकास सहित प्रमुख शायर एवं कवियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। उनकी रचनाओं और प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
कार्यक्रम के दौरान साहित्य एवं शायरी के प्रति लोगों की रुचि देखने को मिली। आयोजन ने हिंदी-उर्दू साहित्य की साझा विरासत और उसकी समृद्ध परंपरा को मंच प्रदान किया।













