मलोट/श्री मुक्तसर साहिब.
महाराष्ट्र के नांदेड़ में 13 अगस्त को हुए हमले के बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को मलोट की दाना मंडी में आयोजित ‘पंजाब बचाओ रैली’ से विधानसभा चुनाव की तैयारी का राजनीतिक संदेश दिया। रैली में बड़ी संख्या में अकाली कार्यकर्ता पहुंचे और पूरे कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया।
सुखबीर बादल ने अपने संबोधन में मौजूदा सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने सिख मर्यादा के खिलाफ काम किए, लेकिन किसी ने इसका विरोध नहीं किया। बेअदबी के मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और मौजूदा सरकार के शासनकाल में ऐसी सैकड़ों घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि इन मामलों में शिरोमणि अकाली दल के किसी नेता या कार्यकर्ता का नाम सामने नहीं आया।
वारिस पंजाब दे पर भी निशाना साधा
सुखबीर बादल ने वारिस पंजाब दे संगठन और सांसद अमृतपाल सिंह को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि 2022 में दुबई से पंजाब लौटने के बाद अमृतपाल ने खुद को पंजाब का वारिस बताना शुरू किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग गुरुद्वारों को ढाल बनाकर राजनीति कर रहे हैं। सुखबीर बादल ने कहा कि कुछ लोग बंदी सिंहों की रिहाई के नाम पर अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनका उद्देश्य पंजाब के गुरुद्वारों और उनकी गोलकों पर कब्जा करना है। इसी दौरान उन्होंने कहा-
अकाली सरकार के विकास कार्य गिनाए
रैली में सुखबीर बादल ने अकाली सरकार के कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने एम्स जैसे अस्पतालों, सड़कों के निर्माण, अमृतसर में श्री हरिमंदिर साहिब के आसपास सौंदर्यीकरण, बंदा सिंह बहादुर स्मारक और ऐतिहासिक यादगारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों को तबाही बताना विपक्ष की राजनीतिक मजबूरी है। रैली के अंत में अकाली कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में नारेबाजी की और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।










