पटना
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय रेल नेटवर्क पर यात्रियों की निगरानी और जांच के लिए बिहार से लगने वाली सीमा पर इमिग्रेशन पोस्ट बनाया जाएगा। जयनगर-इनरवा रेलखंड पर बनने वाली इस आव्रजन चौकी का निर्माण आइबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) के नेतृत्व में होगा। नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर इसके निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
रेल यात्रियों के दस्तावेज और सामान की होगी जांच
इमिग्रेशन पोस्ट के साथ जयनगर-इनरवा समेत सीमावर्ती जिलों से जुड़े रेलखंड की सुरक्षा ऑडिट भी कराई जाएगी। डीजीपी विनय कुमार की अध्यक्षता में हुई रेलवे की राज्यस्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में इमिग्रेशन पोस्ट समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए गए। बैठक में पुलिस और रेलवे सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बंगाल मॉडल पर चलेगा बिहार का इमिग्रेशन पोस्ट
रेलवे इमिग्रेशन पोस्ट की सुविधा उन चुनिंदा स्टेशनों पर होती है, जहां से दूसरे देशों के लिए ट्रेनें चलती हैं। पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश जाने वाली ट्रेनों के लिए ऐसी व्यवस्था पहले से है।
बिहार में भी इसी मॉडल पर इमिग्रेशन पोस्ट का संचालन किया जाएगा। इसमें आरपीएफ, राजकीय रेल पुलिस और जिला पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी।
अवैध घुसपैठ और तस्करी पर भी रहेगी नजर
इमिग्रेशन पोस्ट पर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने वाले यात्रियों के नागरिकता संबंधी दस्तावेज और सामान की जांच होगी। देश में प्रवेश करने और बाहर जाने वाले यात्रियों का कंप्यूटरीकृत डाटाबेस भी तैयार किया जाएगा।
इससे नेपाल से ट्रेन के जरिए अवैध घुसपैठ, हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
जनकपुर से अयोध्या तक चल सकती है ट्रेन
भारत-नेपाल मैत्री परियोजना के तहत जयनगर से जनकपुर, कुर्था होते हुए बर्दीवास तक 67 किलोमीटर रेलखंड पर फिलहाल ट्रेन सेवा चल रही है।
परियोजना के दो फेज का काम पूरा हो चुका है, जबकि तीसरे फेज का काम बाकी है। इसी रूट के जरिए जनकपुर से अयोध्या तक ट्रेन चलाने की भी योजना है। अगले वर्ष अप्रैल तक सेवा शुरू होने की संभावना जताई गई है।
बिहार में आधा दर्जन नए रेलखंड होंगे अधिसूचित
गृह विभाग की आरक्षी शाखा ने जयनगर से नेपाल सीमा इनरवा तक के रेलखंड को रेल जिला मुजफ्फरपुर के रेल थाना जयनगर के अंतर्गत अधिसूचित किया है।
इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक नए रेलखंड भी जल्द अधिसूचित किए जाएंगे। इनमें सरायगढ़-निर्मली, आरा-सासाराम, हाजीपुर-वैशाली, दनियावां-बिहारशरीफ, राजगीर-तिलैया और दरौंधा-महाराजगंज रेलखंड शामिल हैं।
रेल सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी
राज्यस्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में अंतरराष्ट्रीय रेल नेटवर्क के साथ बिहार के अन्य रेलखंडों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
नए रेलखंडों के अधिसूचित होने से संबंधित क्षेत्रों में रेल पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।













