TIL Desk लखनऊ:👉राजकीय मेडिकल होम्योपैथिक कॉलेज, गोमतीनगर में ₹25 हजार मासिक स्टाइपेंड की मांग को लेकर आयुष छात्रों एवं चिकित्सकों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में होम्योपैथिक चिकित्सक संघ, आयुर्वेद चिकित्सक संघ एवं यूनानी चिकित्सक संघ से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रशिक्षण और कार्य के दौरान वे मरीजों की देखभाल समेत विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके बावजूद स्टाइपेंड से संबंधित उनकी मांग लंबे समय से चर्चा में है। डॉक्टरों ने कहा कि उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों को देखते हुए सम्मानजनक स्टाइपेंड दिया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने “गेट खुला है, लेकिन व्यवस्था पर ताला लगा है” जैसे नारे के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि प्रशासनिक गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं, लेकिन डॉक्टरों की समस्याओं और उनकी मांगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
डॉक्टरों ने कहा, “हम डॉक्टर हैं, मजदूर नहीं।” उनका कहना है कि ₹25 हजार मासिक स्टाइपेंड की मांग किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और सेवाओं के दौरान किए जा रहे कार्य के अनुरूप सम्मानजनक भुगतान की मांग है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन के बजाय ₹25 हजार मासिक स्टाइपेंड को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए।













