TIL Desk :👉 बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने एक बार फिर अपने विचारों से लोगों के दिलों को छू लिया है। बिग बी ने ऑटिज़्म (Autism) से पीड़ित व्यक्तियों के जीवन में संगीत की जादुई और उपचारात्मक (healing) शक्ति पर विशेष प्रकाश डाला है। उन्होंने साझा किया कि कैसे सुर और धुनें उन बच्चों के लिए संवाद और अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम बन सकती हैं, जो अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करने में कठिनाई महसूस करते हैं।
इस विषय पर बात करते हुए अमिताभ बच्चन ने एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक कहानी का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया, "मैंने कहीं एक उदाहरण देखा था कि एक परिवार में ऑटिज़्म से पीड़ित एक बच्चा था। वह कभी कुछ बोलता नहीं था और न ही कोई सामान्य गतिविधि कर पाता था। उसके माता-पिता हमेशा उसकी स्थिति को लेकर बेहद चिंतित और परेशान रहते थे। एक रात, जब पूरा परिवार घर की दूसरी मंजिल पर था, तब अचानक नीचे के कमरे से पियानो बजने की आवाज सुनाई दी। आधी रात को विश्व प्रसिद्ध संगीतकारों जैसे बीथोवेन (Beethoven) और चोपिन (Chopin) की जटिल और खूबसूरत धुनें पियानो पर गूंज रही थीं।"
उन्होंने आगे कहा, "जब हैरान-परेशान माता-पिता यह देखने नीचे आए कि इतनी सटीक धुनें कौन बजा रहा है, तो उनका नजारा देखकर आंखें फटी रह गईं। उन्होंने देखा कि उनका वही 4-5 साल का बच्चा, जो ऑटिज़्म से पीड़ित था और बोल नहीं पाता था, वह पियानो पर एकदम परफेक्ट तरीके से बीथोवेन की धुनें बिखेर रहा था।"
अमिताभ बच्चन के इस संदेश ने यह साबित कर दिया है कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह इंसानी आत्मा को ठीक करने और छिपी हुई प्रतिभाओं को बाहर लाने का एक बेहतरीन जरिया है। विशेष रूप से ऑटिज़्म से जूझ रहे लोगों के लिए संगीत एक ऐसी सार्वभौमिक भाषा (universal language) बन जाता है, जहां शब्दों की जरूरत नहीं पड़ती। सोशल मीडिया पर फैंस बिग बी के इस संवेदनशील दृष्टिकोण की जमकर तारीफ कर रहे हैं।













