रांची
राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम में पिछले चार महीनों में गति आई है। चार महीने पहले तक महीने में एक प्रस्ताव के मुकाबले अब महीने में तीन नए उद्यम के प्रस्ताव तैयार हो रहे हैं। डेयरी, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के अलावा आदिवासी परिधान और वेलनेस प्रोडक्ट के क्षेत्र में उद्यमियों ने नई संरचना के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है।
नीति आयोग से जुड़े उद्यमी और स्टार्टअप के विशेषज्ञ संजय सहाय इसे राज्य में युवाओं के सकारात्मक पहल के तौर पर देखते हैं। अगस्त में सहजन के वेल्यू एडेड उत्पाद निर्माण वाले स्टार्टअप को विदेशों से भी आर्डर मिले हैं।
संजय सहाय ने बताया कि झारखंड के पास वैश्विक बाजार तक पहुंच के लिए स्टार्टअप की एक पूरी शृंखला बनाने का अवसर है। स्टार्टअप के लिए युवाओं को तकनीकी मदद पहुंचाने वाले मुकेश झा का मानना है कि झारखंड में 2028 तक एक हजार से अधिक स्टार्टअप निर्माण की क्षमता है।
ये उद्यमी राज्य के पारंपरिक उत्पादों को पूरी दुनिया तक पहुंचाएंगे। इस साल के अंत तक इन सभी प्रस्तावों की समीक्षा होगी और इन्हें आवश्यक संसाधान उपलब्ध कराया जाएगा।
निवेश अभी भी बनी है चुनौती
राज्य में नए उद्यमों के लिए युवा आगे आ रहे हैं। लेकिन नए उद्यम के लिए निवेश लाना अभी भी चुनौती है।फरवरी 2026 में देवघर के तीन युवाओं ने स्थानीय स्तर पर परिवहन के लिए एक स्टार्टअप तैयार किया। लेकिन इसके लिए फंड नहीं जुटा पाए।
मुकेश झा इसके लिए स्थानीय व्यवसायियों से आगे आने की जरूरत बताते हैं। राज्य में बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर जैसे शहरों में बड़े उद्योग काम कर रहे हैं। स्टार्टअप इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में इनकी बड़ी भूमिका हो सकती है।
युवाओं के सपने पूरे करेगा चैंबर आफ कामर्स
झारखंड के युवाओं को स्टार्टअप में चैंबर आफ कामर्स पूरी मदद करेगा। खासकर युवा महिला उद्यमियों के लिए हम राज्य में सकारात्मक माहौल बनाएंगे। युवाओं को उद्यम की स्थापना से लेकर कुशल श्रमिक, बाजार तक पहुंच और आवश्यक फंड उपलब्ध कराने में भी चैंबर की तरफ से हर तरह की मदद दी जाएगी।
-तुलसी पटेल, अध्यक्ष, झारखंड चैंबर आफ कॉमर्स
स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने की कवायद में जुटा जिडको
झारखंड में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने तथा उभरते उद्यमियों को निवेशकों, मेंटर्स और उद्योग विशेषज्ञों से जोड़ने के उद्देश्य से झारखंड इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन (जिडको) की ओर से राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने की कवायद की जा रही है।
इसके तहत टैली स्टार्टअप कलेक्टिव-रांची चैप्टर के नाम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें 75 से अधिक स्टार्टअप फाउंडर्स की भागीदारी रही। पांच चयनित स्टार्टअप्स को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित भी किया गया।
इस दौरान जिडको के महाप्रबंधक संजय कुमार साहू तथा चीफ इनेबलर शुभम राज ने राज्य में स्टार्टअप्स एवं नवाचार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत सहयोग, उद्योग जगत से जुड़ाव और मजबूत स्टार्टअप नेटवर्क की भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस आयोजन ने राज्य के उद्यमियों को निवेश की तैयारी, प्रभावी पिच तैयार करने और निवेशकों के साथ दीर्घकालिक संबंध विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सीधे विशेषज्ञों से संवाद का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान टैली साल्यूशंस के एजीएम गौतम चक्रवर्ती ने स्टार्टअप्स के लिए तकनीक एवं व्यावसायिक समाधानों से जुड़े पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
निवेश एवं फंडिंग से जुड़े सत्रों में ए स्क्वायर कैपिटल की प्रबंध निदेश चाहत अग्रवाल एवं वीसी ग्रिड के कुमार धीरज, मिशन ब्लू फाउंडेशन के पंकज सोनी ने स्टार्टअप फाउंडर्स के साथ अपने अनुभव साझा किए। पांच स्टार्टअप्स को निवेशकों के साथ सीधे संवाद का अवसर दिया गया।












