TIL Desk अबू धाबी:👉 संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नह्यान ने भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार और फ्लाईदुबई के केबिन क्रू सदस्यों को उनकी बहादुरी के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक, 'मेडल ऑफ गैलेंट्री' (वीरता पदक) से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें आपातकालीन स्थिति में असाधारण सूझबूझ दिखाने और सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित बचाने के लिए दिया गया है।
संकट के समय दिखाई बेमिसाल बहादुरी
हाल ही में फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान विमान को एक गंभीर तकनीकी खराबी और आपातकालीन स्थिति का सामना करना पड़ा था। हवा में पैदा हुए इस बड़े संकट के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी बेहतरीन सूझबूझ, शांत दिमाग और उत्कृष्ट विमानन कौशल का परिचय दिया। उन्होंने बेहद तनावपूर्ण माहौल में भी बिना आपा खोए विमान को सुरक्षित रूप से लैंड कराया। इस पूरे संकट के दौरान फ्लाईदुबई के केबिन क्रू ने भी यात्रियों को शांत रखने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कराने में अद्वितीय व्यावसायिकता दिखाई।
राष्ट्रपति ने की सराहना
अबू धाबी के कसर अल वतन महल में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने कैप्टन स्मित और पूरे क्रू को पदक पहनाए। राष्ट्रपति ने संकट के समय क्रू की त्वरित प्रतिक्रिया और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी ने यूएई के विमानन क्षेत्र के उच्च मानकों और यात्रियों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को साबित किया है।
वैश्विक स्तर पर भारत का बढ़ा मान
कैप्टन स्मित मच्छार की इस उपलब्धि से न केवल संयुक्त अरब अमीरात में उनका सम्मान बढ़ा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभा और कौशल का डंका भी बजा है। सोशल मीडिया पर इस खबर के आने के बाद से ही कैप्टन स्मित को चारों तरफ से बधाइयां मिल रही हैं और लोग उन्हें 'सच्चा हीरो' बता रहे हैं। फ्लाईदुबई एयरलाइंस ने भी अपने क्रू की इस बहादुरी पर गर्व व्यक्त किया है।













