राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (SIET) से यूट्यूब लाइव के जरिए बेसिक व माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों व अधिकारियों से किया सीधा संवाद

निपुण भारत मिशन को कक्षा 5 तक विस्तारित करने वाला यूपी देश का पहला राज्य; 20-30 दिसंबर व 20-30 जनवरी के बीच होगा निपुण असेसमेंट

कमजोर विद्यार्थियों के अधिगम स्तर सुधारने के लिए 22-सूत्रीय कैच-अप प्लान लागू; तनाव मुक्ति के लिए प्रतिदिन 15-20 मिनट खेलकूद जरूरी

पीएम पोषण में नवंबर से मिलेगा गरमा-गरम हलवा व उपमा; ‘उद्गम’ पोर्टल और संकुल बैठकों से साझा होंगे शिक्षकों के नवाचार

TIL Desk लखनऊ:👉 प्रदेश के अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा  पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बुधवार को राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (SIET), निशांतगंज लखनऊ से आयोजित विशेष 'यूट्यूब लाइव मार्गदर्शन सत्र' के माध्यम से प्रदेश भर के शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, मेंटर्स, शिक्षा अधिकारियों, छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों से सीधा संवाद किया। सत्र का संचालन जीजीआईसी गोमती नगर लखनऊ की शिक्षिका डॉ. ज्योत्सना सिंह एवं सीतापुर बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिका  साधना दीक्षित द्वारा किया गया। संवाद के दौरान अपर मुख्य सचिव ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं की समयबद्ध तैयारी, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर (लर्निंग आउटकम) में सुधार, निपुण भारत मिशन तथा शैक्षिक सत्र 2026-27 की विभागीय प्राथमिकताओं को लेकर विस्तृत रणनीतिक दिशा-निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इस वर्ष विधानसभा चुनाव, जनगणना और विभिन्न प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण वास्तविक शिक्षण समय (Instructional Time) पर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। ऐसे में शेष बचे समय का शत-प्रतिशत सदुपयोग करना सभी शिक्षकों, अधिकारियों और अभिभावकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा बोर्ड परीक्षाओं का शेड्यूल जारी किया जा चुका है और परीक्षाएं 5 फरवरी से प्रारंभ हो रही हैं, साथ ही फरवरी में ही गृह परीक्षाएं भी संपन्न होनी हैं। इसके दृष्टिगत सभी शिक्षक 'रिवर्स टाइम टेबल' (Reverse Timetable) बनाकर कार्य करें, ताकि निर्धारित समय-सीमा में संपूर्ण पाठ्यक्रम पूरा कराकर छात्र-छात्राओं को पुनरावृत्ति (Revision) का भरपूर अवसर मिल सके।

पार्थ सारथी सेन शर्मा ने विद्यार्थियों को तनावमुक्त रहकर परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के व्यावहारिक गुर सिखाए। उन्होंने प्रभावी उत्तर लेखन के बारे में बताया कि परीक्षक उत्तर पुस्तिका में लिखी सामग्री के आधार पर ही मूल्यांकन करता है, अतः विद्यार्थी पैराग्राफ की जगह बिंदुवार उत्तर लिखें, महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित करें तथा आवश्यकतानुसार चार्ट, ग्राफ व डायग्राम का उपयोग करें और शब्द सीमा का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा, परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर मॉडल प्रश्नपत्र उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से विद्यार्थी व शिक्षक पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर ढाई से तीन घंटे बैठकर वास्तविक परीक्षा की भांति निरंतर मॉक टेस्ट दें। अंत में तनाव प्रबंधन और खेलकूद पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अंक ही जीवन में सब कुछ नहीं होते और बोर्ड परीक्षा जिंदगी की अंतिम परीक्षा नहीं है, इसलिए अभिभावक बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाएं। तनाव दूर करने का सबसे सरल उपाय खेलकूद है, इसलिए विद्यार्थी प्रतिदिन 15 से 20 मिनट का समय निकालकर टीम गेम्स अवश्य खेलें और आवश्यकता पड़ने पर छात्र व अभिभावक टेली-काउंसलिंग सेवाओं का भी लाभ उठा सकते हैं।

निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा 5 तक विस्तार करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य है जिसने मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को बालवाटिका व कक्षा एक और दो से आगे बढ़ाकर कक्षा पांच तक विस्तारित किया है, जिसके लिए सरल व बोधगम्य शैक्षणिक लक्ष्य निर्धारित कर 'निपुण तालिका' और 'निपुण ऐप प्लस' तैयार किए गए हैं। इस वर्ष का निपुण असेसमेंट दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें पहला चरण 20 से 30 दिसंबर के मध्य और दूसरा चरण 20 से 30 जनवरी के बीच संपन्न होगा। यह मूल्यांकन डीएलएड और बीटीसी प्रशिक्षुओं द्वारा पूरी निष्पक्षता के साथ किया जाएगा, जिसके लिए डायट प्राचार्यों को प्रशिक्षुओं को अभी से पारदर्शी एवं त्रुटिरहित मूल्यांकन के वास्ते प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। अंत में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस निपुण असेसमेंट का मुख्य उद्देश्य किसी विद्यालय को दंडित करना या उसका महिमामंडित करना नहीं है, बल्कि कमियों को चिन्हित करके उनके सुधार हेतु आवश्यक कदम उठाना है।

कमजोर विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को सुधारने पर विशेष बल देते हुए यह निर्देश दिए गए हैं कि केवल मेधावी बच्चों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय पिछड़ रहे बच्चों को मुख्यधारा में लाया जाए। इसके लिए विभाग द्वारा जारी 22-सूत्रीय कैच-अप प्लान के तहत शिक्षकों को प्रतिदिन 30 मिनट से 1 घंटे का समय रेमेडियल टीचिंग के लिए निर्धारित करने को कहा गया है, साथ ही कक्षा में सहपाठी शिक्षण यानी पीयर लर्निंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है ताकि सक्षम विद्यार्थी समूह में अपने साथियों को सिखा सकें। प्रयोगशालाओं की सक्रियता, स्मार्ट क्लास और नवाचारों पर चर्चा करते हुए जूनियर हाई स्कूल और माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कंपोजिट ग्रांट का समुचित उपयोग किया करते हुए विज्ञान, गृह विज्ञान व भूगोल प्रयोगशालाओं को तत्काल सक्रिय करें और प्रैक्टिकल कंज्यूमेबल्स सुनिश्चित करें क्योंकि प्रयोगात्मक परीक्षाएं थ्योरी से पूर्व आयोजित की जाएंगी। प्रदेश के विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लासेस और आईसीटी लैब्स को दैनिक शिक्षण पेडागोजी से एकीकृत किया जाए तथा शिक्षकों के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित 'उद्गम' पोर्टल का उपयोग बढ़ाया जाए, जिस पर अब तक दो सौ से अधिक नवाचार अपलोड हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षक संकुल की बैठकें विद्यालय अवधि के दौरान रोटेशन के आधार पर अलग-अलग स्कूलों में आयोजित की जानी चाहिए ताकि नवाचारों का परस्पर आदान-प्रदान सुगम हो सके।

अपर मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि उच्च न्यायालय के आदेशानुसार एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है। वहीं, नगर क्षेत्र के लिए शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा 11,000 शिक्षकों की भर्ती तथा माध्यमिक व एडेड विद्यालयों में 17,000 से अधिक टीजीटी, पीजीटी व प्रधानाध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्तियां केवल एनसीटीई (NCTE) के विहित मानकों के अनुसार ही होंगी। साथ ही, शासन स्तर से यह स्थायी व्यवस्था बनाई गई है कि प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल को रिक्तियों का आकलन कर 31 मई तक आयोगों को अनिवार्य रूप से अधियाचन प्रेषित किया जाए।

कक्षा 8 तक संचालित पीएम पोषण योजना के तहत नवंबर से शुरू हो रहे 14 सप्ताह में पूरक पोषण (Supplementary Nutrition) के रूप में बच्चों को गर्म व ताजा हलवा तथा उपमा परोसा जाएगा। इसके लिए रसोइयों को अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जाएगा और भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नवंबर-दिसंबर में उत्कृष्ट रसोइयों की प्रतियोगिता आयोजित कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।