चेन्नई
दलीप ट्रॉफी (2026-27) फाइनल के पहले दिन (6 सितंबर) चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम पूरी तरह वैभव सूर्यवंशी के रंग में रंगा नजर आया. 15 साल के इस युवा बल्लेबाज को देखने के लिए करीब 12 हजार दर्शक चेपॉक पहुंचे और पूरे दिन उनके नाम के नारे लगाते रहे. वैभव ने भी 37 गेंदों में 44 रनों की तेज पारी खेलकर फैन्स का भरपूर मनोरंजन किया. हालांकि, उनके आउट होते ही कई दर्शक स्टेडियम से निकल गए. लेकिन वैभव ने दिन का खेल खत्म होने के बाद जो किया, उसने वहां मौजूद फैन्स का दिल जीत लिया l

ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच जारी इस मुकाबले के लिए चेपॉक में सुबह से ही दर्शकों की भीड़ जुटने लगी थी. BCCI (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) ने फाइनल को बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से चेन्नई इसलिए शिफ्ट किया था, ताकि ज्यादा से ज्यादा फैन्स मैदान में आकर मुकाबला देख सकें. इस फैसले का असर मैच शुरू होने से पहले ही दिखाई देने लगा. C, D और E ब्लॉक के निचले स्टैंड सुबह 9:30 बजे तक भर गए थे. दर्शकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए TNCA (तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन) को तीन और स्टैंड खोलने पड़े l

स्टेडियम में मौजूद फैन्स लगातार वैभव सूर्यवंशी का नाम लेकर उनका हौसला बढ़ा रहे थे. कई दर्शक चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की पीली जर्सी में भी नजर आए. वैभव ने शुरुआत में तेज गेंदबाजों के खिलाफ संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन इसके बाद उन्होंने रफ्तार पकड़ ली. मोहम्मद सिराज के खिलाफ तो वैभव ने अपना आक्रामक अंदाज खुलकर दिखाया. सिराज के एक ओवर में वैभव ने 14 रन बटोरे. वैभव और अभिनमन्यु ईश्वरv ने मिलकर 100 रन की ओपनिंग साझेदारी पूरी की l

शॉर्ट गेंद पर फंसे वैभव सूर्यवंशी
साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ रणनीति बदलते हुए उन्हें डीप मिडविकेट और लॉन्ग लेग की दिशा में बड़े शॉट खेलने के लिए उकसाया. वैभव ने कुछ देर तक इस जाल में फंसने से परहेज किया, लेकिन चामा मिलिंद की शॉर्ट गेंद पर वह अपना विकेट गंवा बैठे. उस गेंद पर वैभव ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर डीप मिडविकेट की तरफ चली गई. वहां मौजूद सब्स्टीट्यूट फील्डर तनय त्यागराजन ने उनका कैच पकड़ लिया. वैभव ने 37 गेंदों पर 44 रन बनाए, जिसमें पांच चौके के अलावा एक छक्का शामिल रहा l

वैभव सूर्यवंशी के आउट होने के बाद स्टेडियम में मौजूद कुछ दर्शक बाहर निकलने लगे. इनमें कई ऐसे फैन्स थे, जो खास तौर पर 15 वर्षीय बल्लेबाज को देखने चेपॉक पहुंचे थे. लेकिन दिन का खेल खत्म होने पर वैभव ने उन्हें निराश नहीं किया. शाम करीब 5:03 बजे खिलाड़ी पवेलियन की ओर लौटने लगे तो वैभव कुछ देर मैदान पर रुके और उस स्टैंड की तरफ चले गए, जहां से पूरे दिन उनका नाम पुकारा जा रहा था. फैन्स ने बाड़ के दूसरी तरफ से कैप, नोटबुक, कागज और जर्सी आगे बढ़ाई. वैभव ने भी बिना जल्दबाजी किए उनको ऑटोग्राफ दिए l