TIL Desk नई दिल्ली:👉प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे का व्यापक विस्तार हुआ है और शहरों तथा गांवों के बीच का अंतर भी काफी कम हुआ है। उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क, कनेक्टिविटी और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास से ग्रामीण जीवन में बदलाव आया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात वाराणसी से वडनगर तक चल रही ‘सेवा यात्रा’ मोटरसाइकिल रैली के प्रतिभागियों से बातचीत के दौरान कही। यह रैली उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित की जा रही है। रैली में युवाओं की भागीदारी के साथ सेवा, सामाजिक कल्याण और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी जा रही है।
मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद ग्रामीण भारत में महिलाओं की आत्मनिर्भरता और भागीदारी में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने सामाजिक सुधार और सकारात्मक बदलाव को लगातार आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री के अनुसार, विकास और सामाजिक परिवर्तन को केवल चुनावी गतिविधियों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
ग्रामीण बुनियादी ढांचे को लेकर सरकारी आंकड़ों में भी सड़क और पेयजल जैसी सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया गया है। केंद्र सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 99.6 प्रतिशत पात्र ग्रामीण बस्तियों को हर मौसम में इस्तेमाल होने वाली सड़कों से जोड़ा जा चुका है। इन सड़कों ने गांवों को बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों से जोड़ने में भूमिका निभाई है।
इसी तरह, ग्रामीण घरों में नल के पानी की पहुंच भी बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में करीब 3.23 करोड़ ग्रामीण घरों तक नल का पानी पहुंचता था, जो मई 2026 तक बढ़कर 15.84 करोड़ घरों तक पहुंच गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच दूरी कम होना देश के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने सामाजिक बदलाव और जनसेवा के प्रयासों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता बताई।













