रायपुर

साइबर अपराधों के प्रति आमजन, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का समापन एवं सम्मान समारोह रायगढ़ के पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है। इससे बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं साइबर जागरूक बनें और ‘साइबर एम्बेसडर’ की भूमिका निभाते हुए अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें।

 चौधरी ने कहा कि प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की चिन्हित सेवा गतिविधियों में साइबर जागरूकता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। रायगढ़ पुलिस ने सिनेमा और रचनात्मकता को साइबर सुरक्षा से जोड़कर युवाओं तक प्रभावी संदेश पहुंचाने की अभिनव पहल की है।

कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल ने साइबर जागृति अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का उपयोग जनहित, जागरूकता और सुरक्षा के लिए किया जाना समाज को अधिक सुरक्षित बनाने में प्रभावी साबित हो सकता है।

सात सप्ताह में करीब 2 लाख लोगों तक पहुंचा अभियान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ संचालित किया गया। सात सप्ताह के दौरान रायगढ़ जिले में विभिन्न गतिविधियों और माध्यमों से करीब 2 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

इसी अभियान के अंतर्गत ‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता को साइबर जागरूकता से जोड़कर डिजिटल सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था।

11 राज्यों के 35 जिलों से मिलीं 162 फिल्में, रूस से भी आई प्रविष्टि

प्रतियोगिता को देशभर से व्यापक प्रतिसाद मिला। देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों के साथ रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि प्राप्त हुई। प्रतियोगिता के आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios द्वारा संभाली गई।

प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए प्रतिष्ठित फिल्मकारों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इसमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म ‘भूलन: द मेज़’ के निर्देशक  मनोज वर्मा, फिल्मकार  योगेंद्र चौबे तथा रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार एवं अभिनय प्रशिक्षक  सुनील चिपड़े शामिल रहे।

‘दूसर छोर’ और ‘एक्सेस लिंक’ ने हासिल किया प्रथम स्थान

प्रतियोगिता की श्रेणी ‘अ’ (3 से 6 मिनट) में स्वपनिल कोटरीवार की फिल्म ‘दूसर छोर’ ने प्रथम, होमेन्द्र कुमार की फिल्म ‘जरूरत’ ने द्वितीय तथा प्रकाश पटेल की फिल्म ‘गुपचुप ठेला’ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

श्रेणी ‘ब’ (1 से 3 मिनट) में दीपक जायसवाल की फिल्म ‘एक्सेस लिंक’ प्रथम, तुषार सोलंकी की फिल्म ‘Dial 1930’ द्वितीय और समीर चन्द्रा की फिल्म ‘Golden Hour’ तृतीय स्थान पर रही।

श्रेणी ‘अ’ के प्रथम विजेता को 1 लाख रुपए, द्वितीय को 75 हजार रुपए और तृतीय विजेता को 50 हजार रुपए प्रदान किए गए। श्रेणी ‘ब’ में प्रथम विजेता को 75 हजार रुपए, द्वितीय को 50 हजार रुपए तथा तृतीय विजेता को 25 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। इस प्रकार दोनों श्रेणियों के छह विजेताओं को कुल 3.75 लाख रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।

‘The Cyber Trap’ के जरिए बताए साइबर अपराध से बचाव के तरीके

समारोह में रायगढ़ पुलिस द्वारा विशेष रूप से तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई। यह फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थी, बल्कि आम नागरिकों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अलग से तैयार की गई है।

फिल्म में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह सहित अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष वास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दिपेश महंत, हर्ष बैरागी तथा रायगढ़ पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने भूमिका निभाई है। फिल्म की कहानी एवं निर्देशन  ऋभू समर्थ सिंह ने किया है।

कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल, महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मती शिखा रविन्द्र गबेल, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, प्रतिभागी, शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

साइबर अपराधों के प्रति आमजन, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का समापन एवं सम्मान समारोह रायगढ़ के पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है। इससे बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं साइबर जागरूक बनें और ‘साइबर एम्बेसडर’ की भूमिका निभाते हुए अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें।

 चौधरी ने कहा कि प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की चिन्हित सेवा गतिविधियों में साइबर जागरूकता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। रायगढ़ पुलिस ने सिनेमा और रचनात्मकता को साइबर सुरक्षा से जोड़कर युवाओं तक प्रभावी संदेश पहुंचाने की अभिनव पहल की है।

कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल ने साइबर जागृति अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का उपयोग जनहित, जागरूकता और सुरक्षा के लिए किया जाना समाज को अधिक सुरक्षित बनाने में प्रभावी साबित हो सकता है।

सात सप्ताह में करीब 2 लाख लोगों तक पहुंचा अभियान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ संचालित किया गया। सात सप्ताह के दौरान रायगढ़ जिले में विभिन्न गतिविधियों और माध्यमों से करीब 2 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

इसी अभियान के अंतर्गत ‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता को साइबर जागरूकता से जोड़कर डिजिटल सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था।

11 राज्यों के 35 जिलों से मिलीं 162 फिल्में, रूस से भी आई प्रविष्टि

प्रतियोगिता को देशभर से व्यापक प्रतिसाद मिला। देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों के साथ रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि प्राप्त हुई। प्रतियोगिता के आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios द्वारा संभाली गई।

प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए प्रतिष्ठित फिल्मकारों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इसमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म ‘भूलन: द मेज़’ के निर्देशक  मनोज वर्मा, फिल्मकार  योगेंद्र चौबे तथा रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार एवं अभिनय प्रशिक्षक  सुनील चिपड़े शामिल रहे।

‘दूसर छोर’ और ‘एक्सेस लिंक’ ने हासिल किया प्रथम स्थान

प्रतियोगिता की श्रेणी ‘अ’ (3 से 6 मिनट) में स्वपनिल कोटरीवार की फिल्म ‘दूसर छोर’ ने प्रथम, होमेन्द्र कुमार की फिल्म ‘जरूरत’ ने द्वितीय तथा प्रकाश पटेल की फिल्म ‘गुपचुप ठेला’ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

श्रेणी ‘ब’ (1 से 3 मिनट) में दीपक जायसवाल की फिल्म ‘एक्सेस लिंक’ प्रथम, तुषार सोलंकी की फिल्म ‘Dial 1930’ द्वितीय और समीर चन्द्रा की फिल्म ‘Golden Hour’ तृतीय स्थान पर रही।

श्रेणी ‘अ’ के प्रथम विजेता को 1 लाख रुपए, द्वितीय को 75 हजार रुपए और तृतीय विजेता को 50 हजार रुपए प्रदान किए गए। श्रेणी ‘ब’ में प्रथम विजेता को 75 हजार रुपए, द्वितीय को 50 हजार रुपए तथा तृतीय विजेता को 25 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। इस प्रकार दोनों श्रेणियों के छह विजेताओं को कुल 3.75 लाख रुपए की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।

‘The Cyber Trap’ के जरिए बताए साइबर अपराध से बचाव के तरीके

समारोह में रायगढ़ पुलिस द्वारा विशेष रूप से तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई। यह फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थी, बल्कि आम नागरिकों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अलग से तैयार की गई है।

फिल्म में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह सहित अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष वास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दिपेश महंत, हर्ष बैरागी तथा रायगढ़ पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने भूमिका निभाई है। फिल्म की कहानी एवं निर्देशन  ऋभू समर्थ सिंह ने किया है।

कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद  विजय बघेल, महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मती शिखा रविन्द्र गबेल, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, प्रतिभागी, शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।