TIL Desk ढाका :👉बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों ने 1971 की जंग से जुड़े राष्ट्रीय स्मारक को तोड़ दिया. मुजीबनगर स्थित यह स्मारक भारत और मुक्तिवाहिनी सेना की जीत और पाकिस्तानी सेना की हार का प्रतीक था. 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल नियाजी ने 93 हजार सैनिकों के साथ भारतीय सेना के सामने सरेंडर किया था. यह स्मारक इसी दिन की याद में बना था.
Recent Posts
- टूर्नामेंट खेलने का ऐलान, सुरक्षा पर सवाल: विनेश फोगाट ने केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार
- भारत में डोपिंग पर अंतरराष्ट्रीय एजेंसी की सख्त टिप्पणी
- ट्रेलर आउट: ‘पति पत्नी और वो 2’ में आयुष्मान के साथ तीन हीरोइनें, 15 मई को रिलीज
- कोलकाता की शानदार जीत: हैदराबाद को उसी के घर में हराया, जीत की लय टूटी, प्लेऑफ की दौड़ में बनी रही पकड़
- गंभीर मामलों का फरार आरोपी दबोचा: पंजाब पुलिस ने हथियारों सहित किया गिरफ्तार
Most Used Categories
- State (62,457)
- Madhya Pradesh (16,370)
- Uttar Pradesh (15,324)
- Chhattisgarh (8,826)
- Delhi-NCR (8,293)
- India (17,121)
- हिंदी न्यूज़ (17,069)
- Sports (10,280)
- World (8,606)
- Entertainment (8,050)
