TIL Desk ढाका :👉बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों ने 1971 की जंग से जुड़े राष्ट्रीय स्मारक को तोड़ दिया. मुजीबनगर स्थित यह स्मारक भारत और मुक्तिवाहिनी सेना की जीत और पाकिस्तानी सेना की हार का प्रतीक था. 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल नियाजी ने 93 हजार सैनिकों के साथ भारतीय सेना के सामने सरेंडर किया था. यह स्मारक इसी दिन की याद में बना था.
Recent Posts
- रांची में नई पहल: NEP 2020 के तहत झारखंड का इंटरनेशनल एजुकेशन हब बनाने की तैयारी
- राजस्थान साइबर पुलिस का एक्शन, 17 आरोपियों की गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश
- वीर सपूतों को आखिरी सलाम: IED ब्लास्ट में शहीद 4 जवान, गम में डूबा गांव
- चींटियों से छुटकारा पाने का आसान तरीका! डिटॉल और हींग वाला स्प्रे करेगा काम
- हत्या केस पर सख्त रुख: अनिल विज ने एसपी से बात कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के दिए आदेश
Most Used Categories
- State (62,415)
- Madhya Pradesh (16,365)
- Uttar Pradesh (15,314)
- Chhattisgarh (8,817)
- Delhi-NCR (8,292)
- India (17,119)
- हिंदी न्यूज़ (17,065)
- Sports (10,271)
- World (8,606)
- Entertainment (8,048)
