TIL Desk New Delhi :👉सुप्रीम कोर्ट में न्याय की देवी की नई मूर्ति लगाई गई है. जजों की लाइब्रेरी में लगाई गई मूर्ति की खासियत यह है कि इसकी आंखों पर पट्टी नहीं बंधी है. परंपरागत मूर्ति की तरह इसके एक हाथ मे तराजू तो है पर दूसरे हाथ में तलवार की जगह भारत का संविधान है. सांकेतिक रूप से देखा जाए तो नई मूर्ति साफ संदेश दे रही है कि न्याय अंधा नहीं है. वह संविधान के आधार पर काम करता है. ऐसा बताया जा रहा है कि यह मूर्ति चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पहल पर लगाई गई है.
Recent Posts
- फर्जी AI वीडियो ने बढ़ाया विवाद, भूपेश बघेल से जुड़ी वायरल रील की जांच तेज
- गुजरात में पलटी सत्ता की चाल! IPS अफसर की चुनावी हार और पूर्व MLA को पंचायत चुनाव में मिली शिकस्त
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा: जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर
- MSP गारंटी कानून को लेकर हरदा में किसानों का शक्ति प्रदर्शन, 10 हजार ट्रैक्टरों के साथ अनोखा विरोध
- उर्वरक के विकल्प के रूप में हरी खाद, नील हरित काई एवं जैव उर्वरक के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर
Most Used Categories
- State (61,767)
- Madhya Pradesh (16,222)
- Uttar Pradesh (15,188)
- Chhattisgarh (8,679)
- Delhi-NCR (8,278)
- India (17,056)
- हिंदी न्यूज़ (17,028)
- Sports (10,233)
- World (8,591)
- Entertainment (8,025)
