TIL Desk New Delhi :👉सुप्रीम कोर्ट में न्याय की देवी की नई मूर्ति लगाई गई है. जजों की लाइब्रेरी में लगाई गई मूर्ति की खासियत यह है कि इसकी आंखों पर पट्टी नहीं बंधी है. परंपरागत मूर्ति की तरह इसके एक हाथ मे तराजू तो है पर दूसरे हाथ में तलवार की जगह भारत का संविधान है. सांकेतिक रूप से देखा जाए तो नई मूर्ति साफ संदेश दे रही है कि न्याय अंधा नहीं है. वह संविधान के आधार पर काम करता है. ऐसा बताया जा रहा है कि यह मूर्ति चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पहल पर लगाई गई है.
Recent Posts
- भाई ने निभाई परंपरा, बहन के घर 11 लाख का मायरा लेकर निकली भव्य यात्रा
- कुएं, तालाब और नदियों की सफाई से जल सुरक्षा की ओर मजबूत पहल
- बिहटा टेक्नोलॉजी सेंटर उद्घाटन: बिहार के विकास को लेकर सरकार का नया रोडमैप
- स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: हरियाणा के भिवानी और पलवल में नए PHC खोलने की तैयारी
- 6 गायों से शुरू हुआ डेयरी का सफर, आज 25 उन्नत पशुओं के साथ लिख रहे सफलता की इबारत
Most Used Categories
- State (61,747)
- Madhya Pradesh (16,215)
- Uttar Pradesh (15,187)
- Chhattisgarh (8,672)
- Delhi-NCR (8,278)
- India (17,054)
- हिंदी न्यूज़ (17,028)
- Sports (10,233)
- World (8,591)
- Entertainment (8,024)
