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14 जुलाई 2026 को देवगुरु बृहस्पति होंगे अस्त, 6 राशियों पर पड़ सकता है बड़ा असर

 आकाशमंडल में जब भी कोई बड़ा और प्रभावशाली ग्रह सूर्य के बहुत करीब आ जाता है, तो उसकी ताकत कुछ समय के लिए शांत हो जाती है. ज्योतिष की भाषा में इसे ग्रह का अस्त होना (Combust) कहते हैं.  इस साल 14 जुलाई 2026 को ब्रह्मांड के सबसे शुभ और उदार ग्रह, देवगुरु बृहस्पति अस्त होने जा रहे हैं.  चूंकि गुरु को बुद्धि, धन, वैवाहिक सुख, संतान और आध्यात्मिक उन्नति का नियंत्रक माना जाता है, इसलिए उनके तेज में कमी आते ही जीवन के इन मोर्चों पर थोड़ी सुस्ती या रुकावटें देखने को मिल सकती हैं.

वैदिक ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक, गुरु की यह कमजोर स्थिति वैसे तो पूरी मानव जाति को प्रभावित करेगी, लेकिन 6 खास राशियां ऐसी हैं जिनकी जिंदगी में अचानक उथल-पुथल मच सकती है.  आइए समझते हैं कि इस खगोलीय बदलाव का आपकी राशि पर क्या असर होने जा रहा है और इससे कैसे निपटें.

इन 6 राशियों के सामने खड़ी हो सकती हैं चुनौतियां
1. मेष राशि: फैसलों पर लगाएं ब्रेक
इस समय आपकी मानसिक स्पष्टता थोड़ी प्रभावित हो सकती है.  कोई भी बड़ा कॉन्ट्रैक्ट साइन करना हो या नया बिजनेस वेंचर शुरू करना हो, उसे कुछ समय के लिए होल्ड पर डाल दें. जल्दबाजी में लिया गया एक भी गलत निर्णय आपकी जमा-पूंजी को फंसा सकता है.

2. कर्क राशि: बजट का बिगड़ेगा संतुलन
बृहस्पति के अस्त होते ही आपके अनचाहे खर्चों में अचानक उछाल आ सकता है. नौकरीपेशा लोगों को अपनी मनपसंद पोजीशन या प्रमोशन के लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ेगा.  प्रॉपर्टी या शेयर मार्केट में बड़ा रिस्क लेने से बिल्कुल बचें.

3. सिंह राशि: वर्कप्लेस पर बढ़ेगी तनातनी
कार्यक्षेत्र में आपके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ अचानक बढ़ सकता है.  सहकर्मियों या बॉस के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है. मानसिक तनाव का सीधा असर आपके डाइजेशन (पाचन) और स्लीप साइकिल पर पड़ सकता है, इसलिए सेहत को प्राथमिकता दें.

4. वृश्चिक राशि: भरोसे के नाम पर मिल सकता है धोखा
यह समय किसी नए पार्टनर या अनजान शख्स पर आंख बंद करके विश्वास करने का नहीं है.  पैसों का उधार-लेनदेन आपके आपसी रिश्तों में दरार डाल सकता है. जितना हो सके शांत रहें और दूसरों के विवादों में टांग न अड़ाएं.

5. धनु राशि: खुद को री-इवैल्युएट करने का समय
गुरु आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए आपके आत्मविश्वास में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है. करियर में जो रफ्तार बनी हुई थी, वह अचानक धीमी पड़ सकती है.  इस समय को किसी नए काम में कूदने के बजाय पुराने अधूरे कामों को ठीक करने में लगाएं.

6. मीन राशि: सेहत और सुकून पर ध्यान दें
मीन राशि के भी स्वामी गुरु ही हैं.  आपके बनते हुए कामों में आखिरी वक्त पर रुकावटें आ सकती हैं.  आर्थिक मोर्चे पर तंगी महसूस न हो, इसके लिए फिजूलखर्ची पर आज से ही रोक लगा दें. खान-पान में लापरवाही से लिवर या पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं.

गुरु के नकारात्मक असर को कम करने के व्यावहारिक तरीके
जब गुरु का बल कम हो, तो हमें अपनी आंतरिक ऊर्जा और अनुशासन को बढ़ाना पड़ता है.  इसके लिए कुछ विशेष ज्योतिषीय और व्यावहारिक उपाय मददगार साबित हो सकते हैं:

गुरुत्व को जगाएं: भगवान विष्णु और शिवजी की नियमित आराधना करें.  हर गुरुवार को माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं.

सात्विक जीवनशैली: इस पूरी अवधि में तामसिक भोजन और शराब आदि से पूरी तरह दूरी बना लें.  सात्विक विचार मन को शांत रखेंगे.

सेवा भाव: केवल वस्तुओं का दान ही नहीं, बल्कि अनाथ बच्चों की शिक्षा में मदद करना या किसी भूखे को भोजन कराना गुरु दोष को तेजी से काटता है.

मौन का अभ्यास: जब परिस्थितियां पक्ष में न हों, तो बहस करने से बेहतर है मौन धारण करना. इससे आपकी ऊर्जा बची रहेगी.

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