TIL Desk मुंबई:
भारत की अग्रणी कंटेंट और टेक्नोलॉजी कंपनी ‘ज़ी’ ने ‘दिलफ्लुएंसर मोमेंट्स’ लॉन्च करने की घोषणा की। ‘दिलफ्लुएंसर मोमेंट्स’ इसी जरूरत का ‘ज़ी’ का जवाब है। यह किरदारों पर आधारित ऐसा मीडिया फॉर्मेट है, जो कहानी को स्वाभाविक तरीके से ब्रांड से जोड़ता है। इस पहल की शुरुआत नेशनल गर्ल चाइल्ड डे पर ‘जब लाइफ को लेती हो लाइटली तो लगती हो और भी लवली’ संदेश के साथ हुई।
‘ज़ी’ के हिंदी और मराठी शोज़ में किरदारों से जुड़े पलों के जरिए कहानी दिखाई गई, जो डिजिटल मंचों पर अपने आप फैल गई और क्रिएटर्स व कम्युनिटी की भागीदारी से लाखों बातचीत और प्रतिक्रियाएं सामने आईं। सान्या मल्होत्रा वाली एक ब्रांड फिल्म ने इस कहानी को और मजबूती दी और दिखाया कि टीवी से शुरू हुई बात कैसे तेजी से लोगों तक पहुंच सकती है और चर्चा का हिस्सा बन सकती है।
लक्ष्मी शेट्टी, हेड – एडवर्टाइज़मेंट रेवेन्यू, ब्रॉडकास्ट एंड डिजिटल, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने कहा, ‘‘‘दिलफ्लुएंसर मोमेंट्स’ मार्केटर्स के लिए एक नया मीडिया फॉर्मेट है, जो किरदारों पर आधारित कंटेंट के जरिए बड़े स्तर पर पहुंच देता है। यह अलग-अलग मंचों पर सहज रूप से चलता है और दर्शकों से निजी स्तर पर जुड़ता है। इसके जरिए हम विज्ञापनदाताओं को कहानी के माध्यम से ब्रांड से जुड़ाव बनाने का मौका दे रहे हैं।’’
इधर, कार्तिक महादेव, चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने कहा, ‘‘करीब एक लाख करोड़ के विज्ञापन बाजार का लगभग आधा हिस्सा वीडियो माध्यम से आता है, चाहे वह पारंपरिक टीवी हो या डिजिटल। ऐसे में सिर्फ पहुंच अब बढ़त नहीं देती, असली फर्क जुड़ाव से पड़ता है। यह जुड़ाव कहानी, पहचाने हुए किरदारों और ऐसे पलों से बनता है, जो अलग-अलग स्क्रीन पर दर्शकों के साथ रहते हैं। यहीं ‘ज़ी’ का ‘दिलफ्लुएंसर मोमेंट्स’ अलग साबित हो सकता है। हमारी पहुंच, हमारे दिलफ्लुएंसर्स और हमारी कहानियों से जुड़ी पहचान के साथ हम ब्रांड्स को उन पलों का हिस्सा बना रहे हैं, जिन्हें दर्शक पहले से पसंद करते हैं।’’
