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हल्द्वानी : अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के कार्यक्रम में मंत्री धन सिंह रावत ने लिया हिस्सा

हल्द्वानी : अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के कार्यक्रम में मंत्री धन सिंह रावत ने लिया हिस्सा

TIL Desk हल्द्वानी:👉अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (आईवाईसी-2025) के अवसर पर हल्द्वानी नगर निगम परिसर में ‘सहकारिता के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड के सहकारिता, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, उच्च शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

डॉ. रावत ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य भर में 1,100 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 10 सहकारी मेले और सभी बैंकों में 2-3 विशेष आयोजन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य 2 लाख महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का है, जिसमें से 50,000 महिलाएं नैनीताल जिले से होंगी। उन्होंने महिलाओं से सहकारी समितियों से जुड़ने और सचिवों के माध्यम से नए प्रोजेक्ट्स लेने का आह्वान किया। इसके लिए सरकार ने 5 लाख रुपये तक के ऋण की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है, ताकि महिलाएं आसानी से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकें।

मंत्री ने यह भी बताया कि हर ग्राम सभा में सहकारी समितियों का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें 33% आरक्षण महिलाओं के लिए सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने सहकारिता के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की सराहना की और इसे और मजबूत करने का संकल्प जताया।

कार्यक्रम में महिला स्वयं सहायता समूहों और सहकारी संस्थाओं को सहयोग देने पर चर्चा हुई। महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान महापौर गजराज सिंह ने भी राज्य सरकार की सहकारिता योजनाओं पर प्रकाश डाला। विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को लगभग 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए गए। साथ ही, सहकारी बैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला अधिकारियों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जिले में सहकारिता और अन्य क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाली महिला समूहों, फेडरेशनों और विभागीय महिला अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम सहकारिता के माध्यम से महिलाओं और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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