TIL Desk लखनऊ:
राजनीति में अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर अब तक का सबसे तीखा हमला किया है। राजधानी लखनऊ में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तंज कसते हुए कहा, कि अखिलेश यादव के ‘PDA’ का असली मतलब ‘पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक’ नहीं, बल्कि ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ है, जिसमें सिर्फ डिंपल यादव और शिवपाल यादव फिट बैठते हैं।
ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के बंगाल दौरे पर चुटकी लेते हुए कहा, “ममता दीदी के भाई अखिलेश यादव गजब हैं। अगर वो बंगाल जा रहे हैं, तो वहां की झालमुरी जरूर खाकर आएं।” उन्होंने तंज कसा कि ममता बनर्जी का हाल देखकर अब सपा के कार्यकर्ता भी एनडीए की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। राजभर ने अखिलेश यादव पर अवसरवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सपा सत्ता में होती है, तो उन्हें केवल ‘अल्लाह’ याद आते हैं, लेकिन जैसे ही सत्ता हाथ से जाती है, उन्हें अचानक ‘पिछड़े और दलित’ नजर आने लगते हैं।
इतना ही नहीं, मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने ये भी कहा, कि, माफिया खत्म मतलब सपा खत्म। जो वसूलीबाज नहीं हैं, वो सपाई हमारे साथ आ जाएं, क्योंकि अगले कई सालों तक उन्हें वसूली का मौका नहीं मिलने वाला। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जोड़ी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि दोनों मिलकर मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं। राजभर ने दावा किया, कि, 2017 में एनडीए को 2017 से भी बड़ी जीत मिलेगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जहां जीतते हैं वहां सब ठीक रहता है, लेकिन हारते ही ईवीएम और सिस्टम में गड़बड़ी बताने लगते हैं।
बाइट- ओमप्रकाश राजभर, (कैबिनेट मंत्री, उत्तर प्रदेश)
