TIL Desk अमेठी:
अयोध्या राम मंदिर के समर्पण निधि (चंदे) में कथित अनियमितता और हेराफेरी के संवेदनशील मामले पर प्रसिद्ध उद्योगपति व समाजसेवी और अमेठी जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि (राजेश मसाला) का एक और बड़ा और स्पष्ट रुख सामने आया है। उन्होंने इस पूरे विवाद पर निष्पक्षता और न्याय की पुरजोर वकालत की है।
बयान की मुख्य बातें:![]()
निष्पक्ष जांच की मांग:
राजेश अग्रहरि ने कहा कि इस पूरे मामले की बिना किसी भेदभाव के पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच सबके सामने आ सके।
घटना पूरी तरह अस्वीकार्य:
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि भगवान श्री राम के काज के लिए आए चंदे में किसी भी तरह की गड़बड़ी की घटना किसी भी राम भक्त के लिए कभी भी स्वीकार्य नहीं हो सकती। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा विषय है।
निर्दोष न फंसे, दोषी न बचे:
उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जांच बारीकी से की जाए ताकि किसी निर्दोष को परेशानी न हो, और जांच के बाद जो भी वास्तविक दोषी पाए जाएं, केवल उन्हीं को इस कृत्य के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए कठोरतम कानूनी सजा दी जानी चाहिए।
जिन लोगों का आंदोलन से लेकर श्रीराम मंदिर निर्माण तक नहीं रहा कोई योगदान उन्हें सवाल करने का हक नही-कारसेवक राजेश मसाला
मोदी योगी की सरकार है चोरी करने वाले बच नहीं पाएंगे -राजेश मसाला
राजेश मसाला ने अब तक अयोध्या रामजन्म भूमि को किया है 5 करोड़ रुपए का सहयोग |
