TIL Desk लखनऊ:
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में मतदाता सूची से जुड़े विधिक प्रावधानों, ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप एवं विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 (एसआईआर) पर प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया आयोजित |
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि उन जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जो जून और सितंबर 2025 में हुए पिछले प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो पाए थे |
यह प्रशिक्षण आज उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम), लखनऊ में आयोजित किया गया | इसमें चित्रकूट, बलरामपुर, बस्ती, हाथरस, श्रावस्ती और कौशांबी सहित 6 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी और विभिन्न जिलों के 55 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने भाग लिया |
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के निर्माण, संशोधन और पुनरीक्षण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित और समयबद्ध बनाना था | प्रशिक्षण में संवैधानिक और वैधानिक प्रावधानों, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, निर्वाचक नामावली नियमावली, और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों पर विस्तृत जानकारी दी गई |
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की कार्यवाही, नोटिस चरण, सुनवाई प्रक्रिया और नियमावली के अनुपालन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान ईआरओ नेट प्रणाली, बीएलओ ऐप और मतदाता सूची प्रबंधन से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
अधिकारियों को नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन करने और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करने का तरीका सिखाया गया। हेल्पलाइन 1950 के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों के समाधान, बीएलओ की भूमिका और पोलिंग स्टेशन के युक्तिकरण से संबंधित पहलुओं पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए।
प्रशिक्षण के सैद्धांतिक सत्र प्रातःकाल में और ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप तथा शिकायत निस्तारण प्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण अपराह्न में दिया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों का मूल्यांकन भी किया गया।
