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लखनऊ: 28 दिसंबर को आयोजित होगा “आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड” का वार्षिक अधिवेशन

TIL Desk लखनऊ:👉 ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष, मौलाना सैयद साएम मेंहदी और जर्नल सेक्रेटरी, मौलाना यासूब अब्बास ने लखनऊ में एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए बताया कि ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का वार्षिक अधिवेशन दिनांक 28 दिसम्बर 2025 को इमामबाड़ा आसिफ उदद्दौला (बड़ा इमामबाड़ा) लखनऊ में दिन में 11 बजे आयोजित होगा। इस अधिवेशन में पूरे देश से उलेमा, खुतबा, बुद्धिजीवी और समुदाय के जिम्मेदार लोग शिरकत कर रहे हैं। प्रेस वार्ता में मौलाना जहीर अब्बास, मौलाना जाफर अब्बास, मौलाना अनवर हुसैन रिजवी, मौलाना एजाज अतहर, मौलाना इन्तिजाम हैदर व जहीर मुस्तफा ने भी सम्बोधित किया।

ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय अधिवेशन में निम्न बिन्दुओं पर विचार किया जाएगा:

1. हिन्दुस्तान में Common Civil Code को लागू किये जाने पर विचार।

2. जन्नत-उल-बकी मदीना, सउदी अरब में रौजों के पुर्ननिर्माण की मांग।

3. सच्चर कमीशन की तरह शिया मुसलमानों के हालात जानने के लिए एक अलग कमीशन बनाने की मांग।

4. अल्पसंख्यकों को सरकार की ओर से जो हिस्सा दिया जाता है उसमें शिया मुसलमानों को उनकी आबादी के अनुपात में हिस्सा देने की मांग।

5. आर्थिक पिछड़नेपन की बुनियाद पर नौकरियों में शिया मुसलमानों के लिए आरक्षण की मांग।

6. के न होने पर विचार। देश में फैले 8 करोड़ शिया मुसलमानों का पार्लियामेंन्ट और देश की विधान सभाओं में प्रतिनिधित्व

7. समाजिक सुधार में खास कर शादी ब्याह, और गमी के मौके पर बेजा खर्चा में सुधार का प्रस्ताव।

हिन्दुस्तान और पूरी दुनियां में फैले आतंकवाद की निन्दा और उसको रोकने का प्रस्ताव।

9. शियों की धार्मिक और प्रचलित शिक्षा में सुधार और तरक्की के प्रस्ताव।

10. नफरत फैलाने वाले भाषणों और मॉब लिंचिंग रोकने के लिए कानूनी उपायों पर विचार।

11. वक्फ बोडों में फैले भ्रष्टाचार और वक्फ सम्पत्तियों की बिक्री तथा वक्फ संशोधन अधिनियम 2024 पर विचार।

12. हिजाब पर किसी भी तरह की रोक लगाने की मांग पर विचार।

13. इस्लाम की सही, सच्ची और असली तस्वीर जो बादशाहों के किरदार की न हो कर मोहम्मद साहब स.अ. और उनकी औलाद की शिक्षाओं की रौशनी में हो। उसको दुनिया वालों के सामने पेश करने पर विचार।

14. शिया मुस्लिम समाज की राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक अधिकारों की स्थिति पर विचार।

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