TIL Desk लखनऊ:
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के विवादित बयान पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘मुस्लिम लड़की लाओ, नौकरी पाओ’ जैसे संकीर्ण और घृणित बयान” समाज नफरत, वैमनस्य और अराजकता फ़ैलाने वाले हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार को सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
सुश्री मायावती ने मंगलवार को एक्स पर लिखा ” यूपी और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में धर्म परिवर्तन, लव जिहाद और इस तरह के भड़काऊ नारों के नाम पर कानून को अपने हाथ में लेकर सांप्रदायिक और जातीय द्वेष फ़ैलाने वाले तत्वों की हरकतें ” अति-निंदनीय” है। ऐसे असामाजिक व आपराधिक कृत्य संवैधानिक सरकार के लिए “खुली चुनौती और खतरा ” हैं। इन्हे शह व संरक्षण देने के बजाय सरकारें राज्य की करोड़ों जनता के हित व कल्याण को ध्यान में रखते हुए कानून का राज स्थापित करना सुनिश्चित करने के लिए ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें, यही व्यापक जन व देशहित में है।
इससे पहले, राघवेंद्र प्रताप सिंह की विवादित टिप्पणी पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने तीखी आलोचना करते हुए कहा, “सत्ता के लालच में ये लोग समाज की एकता, सद्भाव और संविधान, सब कुछ ताक पर रख चुके हैं।”
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा, “10 मुस्लिम लड़कियों को लाओ, नौकरी का इंतजाम मैं करूंगा। यह शर्मनाक बयान भाजपा के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने भरी जनसभा में दिया है। धर्म के नाम पर नफरत फैलाना, समाज को तोड़ना और बेरोजगार युवाओं को भटकाना, यही भाजपा की असली राजनीति बन चुकी है। जब रोजगार, शिक्षा और महंगाई पर जवाब देना मुश्किल हो गया, तब भाजपा नेता धार्मिक जहर घोलकर सत्ता की राजनीति चमकाने में जुट गए हैं।”
