TIL Desk लखनऊ:
वर्तमान समय की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में किडनी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी खराब होने के दो प्रमुख कारण हाई शुगर यानी डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन हैं। अगर इन बीमारियों को समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो यह धीरे-धीरे किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।
डॉ आलोक कुमार पांडे (सीनियर कंसल्टेंट, नेफ्रोलॉजी, रीजेंसी हेल्थ, लखनऊ) ने बताया, “आज के समय में बहुत से लोग इन बीमारियों से प्रभावित हैं। इन दोनों बीमारियों के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य होते हैं, इसलिए कई बार लोगों को समय पर इनके बारे में पता नहीं चल पाता। जब तक बीमारी का पता चलता है, तब तक किडनी को काफी नुकसान हो चुका होता है।”
उन्होंने आगे समझाते हुए कहा कि कई मामलों में जब तक किडनी की समस्या का पता चलता है, तब तक किडनी लगभग काफ़ी हद खराब हो चुकी होती है। इसलिए यह अत्यंत जरूरी है कि किडनी की बीमारियों का समय पर निदान और उपचार किया जाए, ताकि किडनी को सुरक्षित रखा जा सके। डॉ. पांडेय ने सलाह दी कि जिन लोगों की उम्र 20 वर्ष से ज्यादा है, उन्हें हर साल एक बार शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच अवश्य करानी चाहिए।
अगर दोनों में से कोई भी चीज़ बढ़ी हुई दिखाई दे तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर नियमित इलाज़ का पालन करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर जांच, सही उपचार और नियमित स्वास्थ्य जांच किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी सेहत के प्रति सजग रहें, ताकि किडनी के साथ-साथ शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंग भी स्वस्थ बने रहें।
