TIL Desk अमेठी:
अमेठी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 7 स्थित प्राचीन काली माता मंदिर पर कथित अतिक्रमण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आस्था के इस केंद्र पर कब्जे की कोशिश ने न सिर्फ स्थानीय श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी क्रम में उद्योगपति राजेश मसाला, मंदिर समिति के अध्यक्ष और सैकड़ों श्रद्धालु जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और ADM अर्पित कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मंदिर परिसर को अतिक्रमण से मुक्त कराने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
आरोप है कि कुछ अराजक तत्वों ने मंदिर में ताला लगाकर कब्जा करने का प्रयास किया, जिसके चलते श्रद्धालुओं के पूजा-पाठ में बाधा उत्पन्न हो गई है। यह स्थिति न केवल धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी चिंताजनक है।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। नाराज समिति पदाधिकारी और श्रद्धालु कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर कितनी तत्परता और प्रभावशीलता के साथ कार्रवाई करता है।
