- दिव्यांग कलाकार शीला शर्मा बनीं प्रेरणा, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर
TIL Desk लखनऊ/उन्नाव:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी ‘उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना’ अब ग्रामीण विकास के साथ-साथ गांवों की प्रतिभाओं को नई पहचान देने का माध्यम बनती जा रही है। इसी क्रम में उन्नाव जिले की ग्राम पंचायत कमालपुर में अत्याधुनिक कला प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया गया।
कला केंद्र का लोकार्पण पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, यूपी ट्रांसफॉर्मेशन कमिशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह तथा मोहान विधायक बृजेश कुमार रावत ने ग्रामीणों और अधिकारियों की मौजूदगी में किया।
यह केंद्र ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और बच्चों को चित्रकला, हस्तशिल्प, सिलाई, वस्त्र डिजाइनिंग, संगीत और नृत्य जैसी विधाओं में प्रशिक्षण देगा। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निःशुल्क कला सामग्री और प्रोत्साहन भत्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि केंद्र की प्रेरणा बनीं दिव्यांग फुट पेंटर शीला शर्मा, जिनके दोनों हाथ नहीं हैं, लेकिन वे पैरों से पेंटिंग बनाकर अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। शीला शर्मा ने केंद्र निर्माण में 60 प्रतिशत आर्थिक सहयोग दिया, जबकि शेष राशि पंचायती राज विभाग ने उपलब्ध कराई।
शीला शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही मंच और अवसर की है। उन्होंने कहा कि मातृभूमि योजना के जरिए उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ है और अब गांव के बच्चे भी अपनी कला को नई पहचान दे सकेंगे।
इस अवसर पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पंचायतों के विकास के साथ जनभागीदारी को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि मातृभूमि योजना गांवों के विकास और समाज की सहभागिता का बड़ा अभियान बन चुकी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल रही है।
