- अभियान के तहत प्रत्येक सप्ताह लगभग 35,200 लाभार्थियों तक पहुंच बनाई गई, कुल मिलाकर 4.22 लाख से अधिक नागरिकों को मिला लाभ
TIL Desk लखनऊ:
सामुदायिक कल्याण एवं जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करते हुए, पार्थ गौतम फाउंडेशन ने अपने संस्थापक पार्थ गौतम, जो इनवर्टिस विश्वविद्यालय के प्रो चांसलर भी हैं, के नेतृत्व में अपने तीसरे वार्षिक ‘निःशुल्क शीतल जल सेवा’ अभियान का सफलतापूर्वक समापन किया। बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम की जनसेवा की प्रेरणादायक सोच, जिनकी लंबे समय से चली आ रही सामाजिक प्रतिबद्धता ने अनेक प्रभावशाली जनकल्याणकारी पहलों को जन्म दिया है, से प्रेरित यह अभियान 9 मई से 31 जुलाई, 2026 तक संचालित किया गया। अभियान के माध्यम से बरेली शहर में भीषण गर्मी के दौरान 4.22 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क, स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराया गया।
अभियान के सफल समापन पर पार्थ गौतम फाउंडेशन के संस्थापक एवं इनवर्टिस विश्वविद्यालय के प्रो चांसलर पार्थ गौतम ने कहा,”पार्थ गौतम फाउंडेशन में हमारा विश्वास है कि सार्थक परिवर्तन की शुरुआत करुणा और सेवा से होती है। स्वच्छ पेयजल तक पहुंच प्रत्येक व्यक्ति की एक बुनियादी आवश्यकता है, और हमारे ‘निःशुल्क शीतल जल सेवा’ अभियान के माध्यम से हमारा प्रयास यही रहा है कि भीषण गर्मी के दौरान बरेली में कोई भी व्यक्ति इस आवश्यक सुविधा से वंचित न रहे। एक शैक्षणिक संस्थान के नेतृत्वकर्ता के रूप में मेरा यह भी मानना है कि संस्थानों को शिक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। फाउंडेशन के माध्यम से हम ऐसी पहलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो सार्थक एवं दीर्घकालिक प्रभाव उत्पन्न करें तथा युवाओं को करुणा, सेवा और सामूहिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करें।”
भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस जनकल्याणकारी अभियान का संचालन लगभग बारह सप्ताह तक लगातार किया गया। यह अभियान बरेली के दस प्रमुख एवं अत्यधिक आवागमन वाले स्थानों—कचहरी, सुभाष नगर पुलिया, 84 घंटा मंदिर, मदीनाथ पुलिया, किला क्रॉसिंग, सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर, श्यामतगंज चौराहा, संजय नगर चौराहा, सेलेक्शन प्वाइंट चौराहा एवं आदिनाथ चौक—पर संचालित हुआ। रणनीतिक रूप से स्थापित जल सेवा केंद्रों के माध्यम से यात्रियों, दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, डिलीवरी कर्मियों, ऑटो-रिक्शा चालकों, राहगीरों एवं स्थानीय नागरिकों को पूरे अभियान के दौरान सुरक्षित एवं शीतल पेयजल की निर्बाध सुविधा उपलब्ध कराई गई।
लगातार तीसरे वर्ष आयोजित यह पहल अब बरेली के सबसे बड़े वार्षिक सामुदायिक जनसेवा कार्यक्रमों में से एक के रूप में विकसित हो चुकी है। यह फाउंडेशन की उस सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत भीषण गर्मी के दौरान सुरक्षित पेयजल जैसी एक सरल लेकिन अत्यंत आवश्यक सार्वजनिक आवश्यकता को पूरा करने का निरंतर प्रयास किया जाता है। प्रत्येक जल सेवा केंद्र को कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं से सुसज्जित किया गया था तथा पूरे दिन निर्बाध जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से निगरानी की गई, जिससे तेज गर्मी से प्रभावित हजारों लोगों को तत्काल राहत मिली।
यह अभियान फाउंडेशन की सार्थक जमीनी पहलों के माध्यम से समाज की सेवा करने की निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम की जनसेवा की सोच से प्रेरित होकर, फाउंडेशन लगातार ऐसे कार्यक्रम संचालित करता रहा है जो नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ करुणा, सेवा एवं सामूहिक उत्तरदायित्व की संस्कृति को भी प्रोत्साहित करते हैं।
अभियान के तहत प्रत्येक सप्ताह औसतन लगभग 35,200 लाभार्थियों तक पहुंच बनाई गई और वर्ष 2026 के इस संस्करण में कुल मिलाकर 4.22 लाख से अधिक नागरिकों को लाभान्वित किया गया। शहर के सबसे व्यस्त सार्वजनिक चौराहों पर जल सेवा केंद्र स्थापित कर इस पहल ने निर्जलीकरण एवं गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा हजारों लोगों के दैनिक जीवन में वास्तविक सकारात्मक बदलाव लाया।
वर्षों से, बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम की जनसेवा की प्रेरणादायक सोच से प्रेरित पार्थ गौतम फाउंडेशन सामुदायिक कल्याण, शिक्षा एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में अनेक पहलें संचालित करता रहा है। श्री पार्थ गौतम के नेतृत्व में फाउंडेशन करुणा, नागरिक उत्तरदायित्व एवं सार्थक सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ऐसे प्रयास करता है, जो समाज पर स्थायी प्रभाव छोड़ते हैं।
लगातार तीन वर्षों की निर्बाध सेवा तथा केवल इस वर्ष के अभियान में 4.22 लाख से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच के साथ, यह पहल पार्थ गौतम फाउंडेशन की जनकल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और निरंतर सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से सार्थक सामाजिक परिवर्तन लाने की उसकी दूरदर्शी सोच का सशक्त प्रमाण है।
