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ममता की दस दलों से ताबड़तोड़ मुलाक़ात

ममता की दस दलों से ताबड़तोड़ मुलाक़ात

नई दिल्ली डेस्क/ लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की कोशिशें लगातार तेज होती जा रही हैं। इस क्रम में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने जहां कांग्रेस विरोधी गैरभाजपाई दलों को साधने की जिम्मेदारी ली है। वहीं टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी ने राज्यों में भाजपा के खिलाफ सबसे मजबूत दल की अगुवाई में गठबंधन बनाकर चुनावी जंग में उतरने का फॉर्मूला दिया है। चार दिन के दिल्ली प्रवास पर सोमवार को यहां आई ममता ने मंगलवार को संसद भवन में 10 विपक्षी दलों के नेताओं के साथ ताबड़तोड़ बैठक की। एनसीपी सूत्रों के प्रफुल्ल पटेल और सुप्रिया सुले की उपस्थिति में पवार और ममता के बीच 40 मिनट की अहम बैठक हुई। तीसरा मोर्चा के गठन की समर्थक ममता ने पवार के पांव छूए और उनसे विपक्षी मोर्चा की अगुवाई की अपील की।

पवार ने ममता को अलग-अलग मोर्चा की जगह भाजपा विरोधी मोर्चा बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी। पवार ने कहा कि वह खुद बीजेडी, टीडीपी, टीआरएस जैसे भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस विरोधी दलों के मुखिया से मुलाकात कर आम राय बनाने की कोशिश करेंगे।

इस दौरान ममता का कहना था कि भाजपा को अलग-अलग राज्यों में पराजित करने के लिए उन राज्यों में सबसे मजबूत दल की अगुवाई में गठबंधन खड़ा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में भी उन्होंने कांग्रेस को साथ आने का निमंत्रण दिया था। बकौल ममता कर्नाटक की जंग में उतरी कांग्रेस को अकेले आगे बढ़ने के बदले जेडीएस को साथ लेना चाहिए। इसी तरह की कोशिश अन्य राज्यों में भी होनी चाहिए।

संसद भवन में ममता ने पवार के अतिरिक्त सपा के रामगोपाल यादव-धर्मेंद्र यादव, राजद की मीसा भारती और जयप्रकाश यादव, टीआरसी की कविता, डीएमके की कनिमोझी, शिवेसना के संजय राउत, बीजेडी, टीएमसी, एआईयूडीएफ, वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों से मुलाकात की।

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