कलकत्ता
भारतीय जनता पार्टी (BJP) और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पश्चिम बंगाल की जीत के मायने बड़े हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है जब वह शुभेंदु अधिकारी और उनकी कैबिनेट की शपथ के लिए मंच पर पहुंचे तो उन्होंने मंच पर मौजूद माखनलाल सरकार का सम्मान किया। प्रधानमंत्री ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड स्थित मंच पर पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और काफी देर तक गले से लगाए रखा। इस दौरान वहां पीएम मोदी और माखनलाल सरकार सहित मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।आज जब पहली बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनी तो भगवा पार्टी ने 98 साल के इस वयोवृद्ध नेता को ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर स्थान दिया और उनका सम्मान किया।
पीएम मोदी का बंगाल की जनता को अनोखा सलाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल में पहली भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए. सीनियर लीडर सुवेंदु अधिकारी ने सीएम पद की शपथ ली. उनके साथ पांच अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली. इस तरह 9 मई 2026 से बंगाल में भाजपा सरकार अस्तित्व में आ गई. इस दौरान पीएम मोदी ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता दिलाने के लिए पश्चिम बंगाल की जनता को नमन किया. शपथ ग्रहण मंच पर घुटनों के बल बैठते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरपूर प्रेम और आशीर्वाद देने के लिए बंगाल की जनता का भावुक तरीके से आभार जताया।
मौका था पश्चिम बंगाल में पहली भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का. इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचे थे. सुवेंदु अधिकारी अन्य मंत्रियों के शपथ लेने के बाद उन्होंने बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और उनके कैबिनेट सहयोगियों को बधाई दी. इसके बाद मौका था उनका शुक्रिया अदा करने का, जिनके आशीर्वाद से भाजपा बंगाल की सत्ता में आई. पीएम मोदी ने पहले हाथ उठाया, फिर हाथ जोड़े, उसके बाद मंच पर घुटनों के बल बैठे और फिर नतमस्तक होकर पश्चिम बंगाल की जनता का शुक्रिया अदा किया. इस मौके पर समारोह स्थल पर ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगते रहे।
कौन हैं माखनलाल सरकार?
माखनलाल सरकार आज भी राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं। 1952 में उन्हें कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ होने पर गिरफ्तार कर लिया गया था। इस दौरान वह जेल में रहे।
1980 में BJP के गठन के बाद वे पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों के संगठनात्मक समन्वयक बने। सिर्फ एक साल के अंदर ही उन्होंने लगभग 10,000 सदस्यों को पार्टी में शामिल करवाने में मदद की। 1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में सेवा की। यह उस समय एक असाधारण उपलब्धि थी, जब आम तौर पर BJP के नेता किसी एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से ज्यादा नहीं रह पाते थे।
इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए शुभेंदु अधिकारी के साथ सभा में पहुंचे रपीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। 'जय श्री राम' के नारों के बीच मोदी खुले वाहन पर सवार होकर समारोह स्थल में दाखिल हुए और हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया।
प्रधानमंत्री सुबह करीब दस बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिये रेस कोर्स मैदान पहुंचे, जहां से वह सड़क मार्ग से समारोह स्थल पर पहुंचे। सुबह से ही हजारों भाजपा समर्थक शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बनने के लिए ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जमा होने लगे।आपको बता दें कि भाजपा ने 294-सदस्यीय विधानसभा में 207 सीट जीतकर राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत किया है।
वयोवृद्ध पार्टी कार्यकर्ता के पीएम मोदी ने छुए पैर
पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का आशीर्वाद लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे थे. ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंचने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए नामित सुवेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य के साथ खुली जीप में सवार होकर वहां मौजूद हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अभिवादन किया. पूरा ब्रिगेड परेड ग्राउंड भगवा रंग में सजा हुआ नजर आया. समारोह में बड़ी संख्या में कलाकार पारंपरिक ढोल की थाप पर प्रस्तुति दे रहे थे. जीप यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी मंच पर पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं से मुलाकात की. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने माखनलाल सरकार का सम्मान करते हुए उन्हें शॉल भेंट की और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कर चुके हैं काम
98 वर्ष की आयु में भी माखनलाल सरकार आजादी के बाद के भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं. 1952 में उन्हें कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ होने पर गिरफ्तार किया गया था. साल 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद उन्हें पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठन समन्वयक बनाया गया. उन्होंने सिर्फ एक साल में करीब 10 हजार लोगों को पार्टी से जोड़ने का काम किया. साल 1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया. उस समय यह बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी, क्योंकि आमतौर पर भाजपा नेता एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से ज्यादा नहीं रह पाते थे।
