TIL Desk नई दिल्ली:
फिक्की लेडीज़ ऑर्गनाइजेशन (FLO), जो व्यवसायी महिलाओं का एक शीर्ष संगठन है, ने अपने कृषि, कृषि-आधारित एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग पहल के अंतर्गत फिक्की फेडरेशन हाउस, नई दिल्ली में “द वूमेन बिहाइंड व्हाट इंडिया ईट्स” शीर्षक से एक प्रेरणादायक पैनल चर्चा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में भारत के खाद्य उद्योग की कुछ सबसे सफल महिला उद्यमियों ने भाग लिया और नवाचार, दृढ़ता तथा उद्देश्य-प्रेरित उद्यमिता से जुड़ी अपनी प्रेरक यात्राएँ साझा कीं।
इस सत्र की परिकल्पना पहल की लीड मीनल जैन तथा सह-लीड राधिका गुप्ता ने की थी। इस चर्चा में भारत के खाद्य पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न क्षेत्रों—खाद्य प्रसंस्करण, पोषण, आतिथ्य, रिटेल और फूड टेक्नोलॉजी—में महिलाओं द्वारा निभाई जा रही परिवर्तनकारी भूमिका को रेखांकित किया गया। सभा का स्वागत करते हुए फिक्की फ्लो की 43वीं राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा गर्ग ने कहा कि महिलाएँ भारत के तेज़ी से विकसित हो रहे खाद्य उद्योग की प्रमुख प्रेरक शक्ति बनकर उभर रही हैं।
उन्होंने कहा, “महिलाएँ भारतीय खाद्य पारिस्थितिकी तंत्र की मौन शिल्पकार, पारंपरिक व्यंजनों की संरक्षक और हमारी पाक विरासत की संवाहक हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि महिला उद्यमी नवाचार, गुणवत्ता और स्थिरता को विशिष्ट पैनल में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित रजनी बेक्टर, संस्थापक, Mrs. Bector’s Food Specialities Ltd. एवं क्रेमिका ग्रुप ; अदिति हांडा, सह-संस्थापक एवं हेड शेफ, The Baker’s Dozen; तथा पूजा सिंघल, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), Coriander शामिल थीं।
चर्चा का कुशल संचालन स्मिता मिश्रा ने किया। वक्ताओं ने अपनी उद्यमिता की प्रेरणादायक यात्राओं का विवरण साझा करते हुए अपने उद्यम शुरू करने की प्रेरणा, सफल ब्रांड स्थापित करने की चुनौतियों और ऐसे रणनीतिक उपायों पर प्रकाश डाला, जिनसे वे विस्तार योग्य और टिकाऊ व्यवसाय विकसित कर सकीं।
चर्चा में खाद्य उद्योग के उभरते रुझानों, नवाचार, प्रौद्योगिकी, स्थिरता, स्वास्थ्य एवं वेलनेस तथा भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती पसंद पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण FLO ग्रीनटेक एवं स्थिरता पहल के अंतर्गत आयोजित FLO नेशनल वेस्ट टू वेल्थ ड्राइव रहा। इस अवसर पर एक समर्पित संग्रह केंद्र स्थापित किया गया, जहाँ सदस्यों को अनुपयोगी मोबाइल फोन, लैपटॉप, चार्जर, केबल, ईयरफोन तथा एक्सपायर हो चुकी दवाइयों जैसे ई-कचरे का जिम्मेदारीपूर्वक निपटान करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
यह पहल जिम्मेदार पुनर्चक्रण और परिपत्र अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी ) के सिद्धांतों के प्रति FLO की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। यह कार्यक्रम फिक्की फ्लो के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य महिला कृषि उद्यमियों और सूक्ष्म उद्यमों को मेंटरशिप, क्षमता-विकास कार्यक्रमों तथा ज्ञान-साझाकरण पहलों के माध्यम से सशक्त बनाना है, साथ ही भारत में अधिक समावेशी, नवोन्मेषी और टिकाऊ खाद्य पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है।
