गर्मियों में हमारी त्वचा में तेल की बारीक तह चढ़ने लगती हैं जो कील मुंहासों को निमंत्रण देती है। प्रातः एक गिलास ताज़े पानी में एक नींबू का रस मिलाकर पीने से चेहरे की त्वचा में ताज़गी और निख़ार आता है। साथ ही त्वचा की चिकनाहट दूर होती है और कील मुंहासों की समस्याओं का समाधान होता है।
-त्वचा की अतिरिक्त चिकनाहट को दूर करने के लिए गुलाब जल का प्रयोग भी लाभदायक रहता है। इसके लिए आप थोड़े से बेसन में गुलाब जल मिलाएं फिर इस मिश्रण को लेप की भांति चेहरे पर लगाएं। कुछ समय के उपरांत चेहरे को स्वच्छ जल से धो लें, इससे आपके चेहरे की रंगत में निखार आएगा और त्वचा भी चिपचिपाहट से बची रहेंगी।
-चेहरे की रंगत निखारने के लिए नारंगी के छिलके बहुत लाभदायक रहते हैं। इन छिलकों को चेहरे और हाथ-पांव पर रगड़ें। इसका रस त्वचा को मुलायम तो बनाता ही है, साथ ही ताज़गी भी प्रदान करता है।
-आलू काट कर त्वचा पर मलने से त्वचा के दाग धब्बे दूर हो जाते हैं। अपने चेहरे की त्वचा को स्वच्छ रखें। इसके लिए आप तीन चम्मच मैदा और बेसन लें, थोड़ी-सी हल्दी ले। इन सबको मिलाकर रख लें और जब प्रयोग करना हो उसमें चन्द बूंदे नींबू के रस और जैतून के तेल की मिला लें और उसे चेहरे की त्वचा पर मलें। ताजे पानी से मुंह को अवश्य साफ कर लें। इस मिश्रण विधि का प्रयोग चेहरे की त्वचा पर दिन में दो बार अवश्य करें। इससे आप अपने चेहरे की त्वचा में काफी परिवर्तन महसूस करेंगी।
-ग्रीष्म ऋतु में खीरे का प्रयोग जहां तक हो अत्यधिक करें। एक बात का विशेषकर ध्यान रखें कि अपने चेहरे की अतिरिक्त चिकनाहट की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बाजारू लोशन और क्रीम से स्वयं को बचाए रखें, क्योंकि ये लोशन चेहरे की त्वचा को लाभ पहुंचाने के बजाय नुकसान ही पहुंचाते हैं। आपकी त्वचा का सबसे अधिक संबंध आपके आहार से होता है। अतः भोजन हमेशा पौष्टिक आहारों से युक्त ही करें। ग्रीष्म ऋतु में चेहरे को धूप से बचाएं। सौन्दर्य प्रसाधनों का प्रयोग समय के अनुसार करने से चेहरे की त्वचा पर इसका अच्छा प्रभाव पड़ता है जबकि हर समय त्वचा पर सौन्दर्य प्रसाधनों का प्रयोग चेहरे की त्वचा को अनाकर्षक भी बना देता है।