प्रतापगढ़
माफिया अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ की हत्या, एक बेटे का एनकाउंटर, एक बेटे की अब सड़क हादसे में मौत। पूरे गैंग पर शिकंजा, करोड़ों की संपत्ति जब्त। गैंग के सदस्यों तक पर बुलडोजर ऐख्शन के बाद भी माफिया के समर्थकों का तेवर अब भी बरकरार है। आबान की मौत के बाद यह तेवर लखनऊ से प्रयागराज तक दिखाई दिया है। कब्रिस्तान पर पुलिस को बल प्रयोग तक करना पड़ा। लखनऊ जेल से प्रयागराज पुलिस कस्टडी में आ रहे उमर के साथ दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियों में समर्थकों का रेला दिखाई दिया। रास्ते में इनकी दबंगई भी देखने को मिली। इन पर दो टोल प्लाजा के बैरियर तोड़ने और कर्मचारियों से अभद्रता के आरोप लगे हैं। प्रयागराज के नवाबगंज और प्रतापगढ़ के हथिगवां स्थित कोटिला अख्तियारी टोल प्लाजा पर हुई घटनाओं में कर्मचारियों को वाहन से कुचलने के प्रयास का भी आरोप है। दोनों मामलों में टोल प्रबंधन की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नवाबगंज टोल प्लाजा पर शनिवार अपराह्न करीब 3:50 बजे उमर अहमद को लेकर जा रही प्रिजन वैन के पीछे दर्जनों से ज्यादा निजी वाहन पहुंचे। टोल बूथ पर शुल्क लेने के लिए बैरियर बंद किए जाने पर काफिले में शामिल वाहन चालकों ने कथित तौर पर बैरियर तोड़ दिया। कर्मचारियों के रोकने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। तेज गति से वाहन दौड़ाकर कर्मचारियों को कुचलने के प्रयास की बात भी तहरीर में कही गई है। सहायक प्रबंधक जयप्रकाश यादव की तहरीर पर 28 से अधिक वाहनों के नंबरों के आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
इसके पहले दोपहर करीब 3.04 बजे प्रिजन वैन के प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र के कोटिला अख्तियारी स्थित टोल प्लाजा पार करने के बाद पीछे से एक थार और स्कार्पियो पहुंची। इन दोनों गाड़ियों में सवार लोगों पर बैरियर तोड़कर कर्मचारी को कुचलने के प्रयास का आरोप है। टोल मैनेजर मोहम्मद इसहाक की तहरीर पर दोनों वाहन चालकों और उनके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमले समेत धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एसपी प्रतापगढ़ दीपक भूकर ने बताया कि टोल न देने के लिए बैरियर तोड़ने और कर्मचारी को कुचलने के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पुराना दबदबा और समर्थकों की भीड़
माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद की मौत के बाद शनिवार को उसे सुपुर्द-ए-खाक करने के दौरान भी परिवार का पुराना दबदबा और समर्थकों की भीड़ नजर आई। झांसी जाते समय गुरुवार को सड़क हादसे में आबान की मौत हुई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट से पैरोल मिलने के बाद शनिवार को लखनऊ जेल में बंद उमर अहमद और झांसी जेल में बंद अली अहमद पुलिस अभिरक्षा में कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचे। उनके आने-जाने के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
उमर और अली की प्रिजन वैन के पीछे बड़ी संख्या में लग्जरी वाहनों का काफिला लखनऊ और झांसी से प्रयागराज तक पहुंचा। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश और दिल्ली तक के नंबर वाले वाहन शामिल थे। लखनऊ से प्रयागराज के रास्ते में काफिले में शामिल वाहनों पर प्रतापगढ़ के हथिगवां और प्रयागराज के नवाबगंज टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़ने, कर्मचारियों से गाली-गलौज और वाहन चढ़ाने के प्रयास के आरोप लगे हैं। दोनों मामलों में टोल प्रबंधन की तहरीर पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
इधर, कसारी-मसारी कब्रिस्तान में भी उमर और अली के पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग जुट गए थे। भीड़ इतनी बढ़ गई कि पुलिस की बैरिकेडिंग टूट गई और लोगों ने अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा। करीब छह घंटे तक कब्रिस्तान और आसपास के इलाकों में हजारों लोगों की भीड़ मौजूद रही। पुलिस को रास्ते और आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
माफिया परिवार के साथ अब भी समर्थकों की सक्रियता
अतीक और अशरफ की हत्या, बेटे असद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने और अब आबान की सड़क हादसे में मौत के बाद भी परिवार के आसपास समर्थकों की सक्रियता कम नहीं हुई है। आबान के अंतिम संस्कार के दौरान भी यह प्रभाव साफ नजर आया। प्रयागराज में अभी भी अतीक गैंग से जुड़े लोगों पर रंगदारी, जमीन कब्जाने, मारपीट और धमकी के आरोपों में मुकदमे दर्ज होते रहते हैं।
अली झांसी जेल में हुआ दाखिल
झांसी। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को रविवार तड़के 4:41 बजे झांसी जेल में दाखिल कराया गया। आबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए शनिवार को अली को करीब 35 सुरक्षाकर्मियों के दस्ते में प्रयागराज ले जाया गया। अंतिम संस्कार में शामिल होने के तुंरत बाद अली को झांसी के लिए रवाना कर दिया गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि अली को पुलिस ने जेल के भीतर दाखिल कर दिया है।
