रीवा
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा को विकसित बनाने के साथ जल समृद्ध बनाना है। वर्षा के जल को संरक्षित करने तथा प्राचीन जल स्त्रोतों में सुधार कार्य कर जल संरक्षण व संवर्धन के कार्य प्राथमिकता से किये जा रहे हैं ताकि आने वाले समय में पानी की कमी न हो। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ग्राम पंचायत सगरा में केन्द्रीय जल शक्ति विभाग के सहयोग से बोर के माध्यम से संग्रहित होने वाले भूजल को जमीन के भीतर संचयित किये जाने के कार्य का शुभारंभ किया।
ग्राम पंचायत सगरा में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के जल शक्ति विभाग के सहयोग से रीवा जिले में 100 बोरवेल के माध्यम से संग्रहित होने वाले जल को जमीन के अंदर संचित किये जाने का कार्य प्रारंभ हो रहा है। इसके अतिरिक्त जल गंगा अभियान में जल संरक्षण व संवर्धन के कार्य आगामी 3 माह तक नियमित रूप से संचालित होंगे। यह प्रयास है कि वर्षा का जल बर्बाद न हो। जमीन के अंदर इसका संचयन हो तथा जल स्त्रोत भी पानीदार रहे ताकि जिले का भूजल स्तर कम न हो। उन्होंने जल संरक्षण कार्य में आमजनों की सहभागिता की भी अपेक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल द्वारा जहां एक ओर हर घर को शुद्ध पानी पहुंचाने का कार्य हो रहा है वहीं दूसरी ओर जल संचयन, संवर्धन का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जमीन के अंदर के पानी का दोहन न होकर इसका पोषण हो यह इस योजना का लक्ष्य है।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बताया कि जल गंगा अभियान अन्तर्गत जिले के तालाब निर्माण के साथ ही मनरेगा से पानी बचाने की संरचनाओं को पूर्ण किये जाने के कार्य कराये जायेंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर ने जल संचयन कार्य में गुजरात के दल को प्रशासन के पूर्ण सहयोग की बात कही।
इससे पूर्व गुजरात के जल संचयन दल प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि रीवा जिले में 100 बोर कर संग्रहित पानी को चेम्बर बनाकर भूमि के अंदर संचयित किया जायेगा। इस कार्य का शुभारंभ सगरा से किया गया है। सरपंच श्रीमती सावित्री राजेश पाल, सीईओ जनपद संजय सिंह, समाजसेवी राजेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन व ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे।