Madhya Pradesh, State

सीएम हेल्पलाइन और लोकसेवा गारंटी के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के दिये निर्देश

भोपाल 

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे आमजन को सीधे राहत पहुंचाने वाली लोकसेवा गांरटी योजना और सी.एम हेल्पलाइन के प्रकरणों का समय-सीमा में संतुष्टिदायक निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागाध्यक्षों से वार्षिक कार्य-योजना भी शीघ्र देने के लिए कहा है। मुख्य सचिव जैन बुधवार को मंत्रालय में विभागीय कार्यों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्य सचिव जैन ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी योजना के प्रकरणों का विभागाध्यक्ष साप्ताहिक रिव्यू और मानीटरिंग करें। निचले स्तर के अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा हो और समय-अवधि में ही प्रकरण निराकृत हों। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष कार्यालय तक तो प्रकरण आना ही नहीं चाहिए। इस दौरान विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई और समय-सीमा में जबाव-दावा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष सुनिश्चित करें कि केबीनेट से स्वीकृत प्रकरणों में शत-प्रतिशत आदेश आदि हो जाएं।

बैठक में वर्ष 1947 से पूर्व के कानूनों में पुन:संशोधन अथवा निरसन किए जाने की कार्यवाही की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि ऐसे कानून जिनकी अब जरूरत नहीं हैं- ठीक से परीक्षण कर लें और यथोचित प्रस्ताव प्रस्तुत करें। इस दौरान विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में आने वाले विधेयक और एक्ट आदि पर भी गहन चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने शीघ्र ही इस तरह के विधेयकों को तैयार कर केबीनेट के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा है जिससे आगामी सत्र में उन्हें प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व सत्रों के शून्यकाल, अपूर्ण प्रश्न, आश्वासन और लोकलेखा समिति की सिफारिशों संबंधी उत्तर विधानसभा को समय-सीमा में प्रस्तुत कर दिए जाएं।

मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी शासकीय भवनों की छत पर सोलर पैनल लगाने के काम में तेजी लाएं और राज्य स्तर पर समन्वय के लिए जिलावार नोडल आफीसर नियुक्त करें। इस दौरान उद्योग विभाग से संबंधित डी रेगुलेशन के 12 प्रकरणों पर भी चर्चा हुई। बैठक में गृह विभाग के साइबर धोखाधड़ी, पाक्सो एक्ट के प्रकरणों, मादक और विस्फोटक पदार्थों की रोकथाम तथा नवीन न्याय संहिता पर विमर्श किया गया। इस दौरान राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई।

 

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