लखनऊ
योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं। इस दौरान योगी सरकार ने हमेशा नवाचार को प्राथमिकता दी है, ताकि प्रदेश का समग्र विकास हो। इसके नतीजे आज सभी के सामने हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को मिशन के रूप में धरातल पर उतारने के लिए रामपुर जिला प्रशासन ने "जीरो वेस्ट मॉडल" की अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत रामपुर जिलाधिकारी द्वारा जिले में खराब व निष्क्रिय एंबुलेंस को नया रूप देकर गरीब रेहड़ी पटरी संचालकों को रोजगार के लिए उपलब्ध कराया गया है।
रामपुर जिला प्रशासन ने कचरे को संसाधन में बदला
रामपुर जिलाधिकरी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर काफी गंभीर हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि “कचरे को समस्या नहीं, बल्कि संसाधन के रूप में देखा जाए।” सीएम योगी के इसी विजन को मिशन के रूप में धरातल पर उतारने को जीरो वेस्ट मॉडल की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि रामपुर जिलाधिकारी कार्यालय में करीब 8 एंबुलेंस अपनी उम्र पूरी करने के बाद काफी दिनों से खड़ी थीं, जो पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुकी थीं। ऐसे में इन एंबुलेंस को नया रूप देने की योजना बनायी गयी। इसके बाद इन सभी निष्प्रयोज्य शासकीय वाहनों को मॉडिफाई कर वैनशॉप में बदला गया। वेस्ट मैनजमेंट पहल के तहत पुराने और अनुपयोगी सरकारी वाहनों को संशोधित कर आकर्षक मोबाइल दुकानों के रूप में तैयार किया गया। इन मॉडिफाई वैनशॉप को रेहड़ी-पटरी संचालकों को स्थायी रोजगार के लिये उपलब्ध कराया गया। रामपुर नगर क्षेत्र के फोटो चुंगी के समीप प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत विकसित वेंडिंग जोन में 8 वैनशॉप को रेहड़ी पटरी संचालकों को सौंपा गया है।
वेंडिंग जोन विकसित कर, रेहड़ी पटरी संचालकों को सौंपी गईं मॉडिफाई वैनशॉप
जिलाधिकारी ने बताया कि नगर क्षेत्र में लंबे समय से अव्यवस्थित ढंग से फैले ठेलों और रेहड़ी-पटरी के कारण अतिक्रमण और जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती थी। नगर पालिका द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर इन्हें हटाया जाता था, जिससे इन छोटे कारोबारियों के सामने अपने रोजगार को लेकर असमंजस की स्थिति बन जाती थी। इसी समस्या के समाधान के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई है। नगर पालिका परिषद रामपुर द्वारा निष्प्रयोज्य शासकीय वाहनों को मॉडिफाई कर उन्हें वैनशॉप के रूप में परिवर्तित किया गया है और फोटो चुंगी के पास एक सुव्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित किया गया है। यहां रेहड़ी-पटरी संचालकों को चिन्हित कर उन्हें स्थायी रूप से व्यवसाय करने का स्थान दिया गया है। इससे न केवल उनके रोजगार को स्थिरता मिली है बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित बनाने में मदद मिल रही है।
आमजन को एक ही जगह मिलेंगे कपड़े, खाने-पीने की वस्तुएं और फास्ट फूड
वेंडिंग जोन में मोबाइल शॉप के माध्यम से कपड़े, खाने-पीने की वस्तुएं, फास्ट फूड, बच्चों के खिलौने और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थान एक छोटे बाजार के रूप में विकसित हो रहा है, जहां उन्हें विभिन्न प्रकार की चीजें आसानी से मिल सकेंगी। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने प्रत्येक वैनशॉप पर जाकर दुकानदारों से बातचीत की और वहां बेचे जा रहे सामान के बारे में जानकारी प्राप्त की। दुकानदारों ने इस पहल के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपने व्यवसाय के लिए एक सुरक्षित और स्थायी स्थान मिल गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में ऐसे और भी वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक रेहड़ी-पटरी संचालकों को व्यवस्थित तरीके से रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाते हुए उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।
