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गोल्डन टेंपल में सोने की धुलाई सेवा, बर्मिंघम के सेवादार को जिम्मेदारी, केमिकल का प्रयोग नहीं होगा

अमृतसर
 पंजाब के अमृतसर में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) के गुंबदों पर लगे सोने की धुलाई के कार्य शुक्रवार को प्रारंभ हो गया। शिरोमणि कमेटी ने इस कार्य का जिम्मा बर्मिंघम स्थित गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था के प्रमुख भाई साहब भाई मोहिंदर सिंह को सौंपा है।इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह और निष्काम सेवक जत्था के प्रमुख भाई साहब भाई मोहिंदर सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।  

एसजीपीसी अध्यक्ष धामी ने कहा कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में स्थापित सोने की स्वच्छता और रखरखाव को ध्यान में रखते हुए, इसकी समय-समय पर धुलाई की जाती है, जो गुरु नानक निष्काम सेवा जत्था बर्मिंघम के प्रमुख भाई साहब भाई महिंदर सिंह द्वारा संगत के सहयोग से की जाती है। उन्होंने कहा कि निष्काम सेवक जत्था यह सेवा नि:शुल्क प्रदान करता है। वे सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब और घंटा घर ड्योढ़ी के गुंबदों पर स्थापित सोने की परत की भी धुलाई करेंगे। उन्होंने कहा कि निष्काम सेवक जत्था आवश्यकतानुसार सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के आंतरिक भाग में सोने की परत और तामचीनी की मरम्मत भी निरंतर करता रहता है।

सफाई में केमिकल का प्रयोग नहीं

भाई साहिब भाई महिंदर सिंह ने जानकारी दी कि यह सेवा अगले 10 से 12 दिनों तक चलेगी। उन्होंने बताया कि सोने की सफाई के लिए किसी भी प्रकार के रसायन (केमिकल) का प्रयोग नहीं किया जाता। इसके बजाय, रीठे को उबालकर उसके पानी और नींबू के रस जैसे प्राकृतिक तरीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे सोने की शुद्धता और चमक बनी रहे।

इस अवसर पर अंतरिम सदस्य स. गुरप्रीत सिंह झब्बर, सदस्य भाई राजेंद्र सिंह मेहता, स. फुम्मन सिंह, बाबा सतनाम सिंह किला आनंदगढ़, सिख विद्वान भाई गुरबख्श सिंह गुलशन, सचिव स. बलविंदर सिंह काहलवां, निजी सचिव स. शाहबाज सिंह, श्री दरबार साहिब के मैनेजर स. भगवंत सिंह धंगेड़ा और निष्काम सेवक जत्थे के अन्य सेवादार व संगत भी उपस्थित थे।

समय-समय पर की जाती है गोल्डन टेंपल के सोने की सफाई

शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि श्री हरमंदिर साहिब के सोने की चमक और उसकी देखभाल के लिए समय-समय पर धुलाई की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सेवा निष्काम सेवक जत्था बर्मिंघम द्वारा संगत के सहयोग से पूरी तरह निःस्वार्थ भाव से की जा रही है।

इस सेवा के तहत श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य गुंबद के अलावा श्री अकाल तख्त साहिब, गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब और घंटा घर ड्योढ़ी के गुंबदों पर लगे सुनहरे पत्तरों की भी सफाई की जाएगी। दरबार साहिब के अंदरूनी हिस्से में सुनहरे पत्तरों और मीनाकारी की मरम्मत का कार्य भी लगातार जारी है।

 इसी बीच, गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था बर्मिंघम के प्रमुख ने बताया कि गुरु साहब की कृपा से, शिरोमणि समिति के सहयोग से जत्था प्रतिवर्ष सोने की धुलाई का कार्य करता है। इसी क्रम में, इस बार भी संगत विशेष रूप से सोने की धुलाई के लिए आई है। उन्होंने बताया कि यह सेवा लगभग 10-12 दिनों तक चलेगी, जिसके दौरान पवित्र स्थान के बाहरी हिस्से पर लगे सोने की धुलाई प्राकृतिक तरीके से की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सोने की धुलाई के लिए रीठा उबालकर पानी और नींबू के रस का उपयोग किया जाता है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक विधि है और इसमें किसी भी रसायन का प्रयोग नहीं किया जाता है। 

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