भोपाल
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच हाई स्पीड कॉरिडोर और एक्सप्रेस-वे के निर्बाध निर्माण को सुनिश्चित करने का उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता मोओयू हस्ताक्षर हुए हैं. यह एक लाख करोड़ का मोओयू है जो कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी हस्ताक्षर किया गया है.
मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में NHAI 5 वर्षों में लगभग 60,000 करोड़ का कार्य करेगा. प्रयास यह होगा कि शेष 40,000 करोड़ के कार्य भी इन 5 वर्षों में आरंभ हो जाए.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जीएसआई का जो सफल आयोजन हुआ है, उसमें NHAI और मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के एमओयू का भी अध्याय जुड़ गया है. इस एमओयू के कारण 2037 तक होने वाले निर्माण कार्य आगामी 5 साल में ही हो जाएंगे. मध्य प्रदेश इस प्रकार के कार्य में देश का पहला राज्य बन गया है.
सड़क पर दिखेगा MOU का असर
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने यह दावा किया है कि इस समझौते का असर सड़क पर दिखेगा. राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस हाईवे के विकास के लिए एक लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिसमें लगभग 4010 किलोमीटर की सड़क का निर्माण होगा. इस समझौते के अंतर्गत हाई स्पीड कॉरिडोर, एक्सेस कंट्रोल, सिक्स लेन, एग्जैक्टिंग रोड के अलावा विकास के द्वार खुलेंगे.
इन राज मार्गों दिखेगा असर
लोक निर्माण मंत्री के मुताबिक भोपाल जबलपुर ग्रीन फील्ड हाई स्पीड कॉरिडोर, प्रयागराज- जबलपुर- नागपुर एक्सप्रेस वे, लखनादौन-रायपुर एक्सप्रेस, आगरा-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग, उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग, इंदौर रिंग रोड, जबलपुर-दमोह राष्ट्रीय राजमार्ग, सतना-चित्रकूट राष्ट्रीय राजमार्ग, रीवा-सिद्धि राष्ट्रीय राज्य मार्ग और ग्वालियर शहर के पश्चिमी छोर पर फोरलेन बाईपास सहित कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजना का विकास किया जाएगा.