Madhya Pradesh, State

MP Train Fire: पेंचवैली एक्सप्रेस के AC कोच में आग से मची भगदड़, चेन खींचकर बचाई गई 72 यात्रियों की जान

नर्मदापुरम 
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से बड़ी खबर सामने आई है. यहां इटारसी के पास नैनपुर-इंदौर पेंचवैली एक्सप्रेस (19344) में आग लगने घटना सामने आई है. ट्रेन के कोच बी-2 में बुधवार अल सुबह धुआं उठने से यात्री बुरी तरह घबरा गए. इसी बीच कोच के कुछ हिस्से में आग लगने की भी सूचना मिली है. घटना इटारसी से पहले पोला पत्थर स्टेशन के पास सुबह करीब 4 बजे की बताई जा रही है। 

तड़के 4 बजे एसी कोच में दिखा धुआं
जानकारी के मुताबिक, नैनपुर से इंदौर के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 19344 पेंचवैली एक्सप्रेस के B2 एसी कोच में बुधवार सुबह करीब 4 बजे आग लग गई. घटना उस समय हुई जब ट्रेन इटारसी से पहले पोला पत्थर स्टेशन के पास पहुंच रही थी. कोच के भीतर अचानक धुआं फैलने लगा, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। 

B2 कोच पूरी तरह भरा हुआ था और उसमें करीब 72 यात्री सफर कर रहे थे. इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, लेकिन धुआं फैलने के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी. देखते ही देखते पूरे कोच में दहशत फैल गई और लोग अपनी सीटों से उठकर बाहर निकलने लगे। 

एसी पैनल से निकला धुआं और चिंगारियां
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कोच के एसी पैनल से पहले धुआं निकलता दिखाई दिया. कुछ ही देर बाद वहां से चिंगारियां भी निकलने लगीं. इस दौरान फायर अलार्म बजने लगे और कोच की लाइटें बार-बार बंद और चालू होने लगीं. अचानक बने इस माहौल से यात्री घबरा गए और बिना सामान समेटे ही कोच से बाहर निकलने लगे। 

सभी 72 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
ट्रेन में धुआं उठते ही तत्काल चेन खींची गई और बी-2 कोच में सवार सभी 72 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. ये ट्रेन भोपाल से इटारसी की ओर आ रही थी और अधिकांश यात्री सो रहे थे. इसी बीच अचानक शॉर्ट सर्किट जैसी आवाज के साथ कोच में धुआं भर गया और यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसके बाद आनन-फानन में ट्रेन को रोका गया।

बुधवार तड़के पेंचवैली एक्सप्रेस में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रेन के एसी कोच में अचानक धुआं भरने लगा. कुछ ही देर में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि यात्रियों को नींद से जागकर अपनी जान बचाने के लिए कोच से बाहर निकलना पड़ा. ट्रेन में सफर कर रहे 72 यात्रियों के लिए यह पल किसी डरावने अनुभव से कम नहीं था. राहत की बात यह रही कि समय रहते ट्रेन रोक दी गई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा रेल हादसा टल गया। 

तड़के 4 बजे एसी कोच में दिखा धुआं
जानकारी के मुताबिक, नैनपुर से इंदौर के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 19344 पेंचवैली एक्सप्रेस के B2 एसी कोच में बुधवार सुबह करीब 4 बजे आग लग गई. घटना उस समय हुई जब ट्रेन इटारसी से पहले पोला पत्थर स्टेशन के पास पहुंच रही थी. कोच के भीतर अचानक धुआं फैलने लगा, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। 

B2 कोच पूरी तरह भरा हुआ था और उसमें करीब 72 यात्री सफर कर रहे थे. इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, लेकिन धुआं फैलने के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी. देखते ही देखते पूरे कोच में दहशत फैल गई और लोग अपनी सीटों से उठकर बाहर निकलने लगे। 

एसी पैनल से निकला धुआं और चिंगारियां
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कोच के एसी पैनल से पहले धुआं निकलता दिखाई दिया. कुछ ही देर बाद वहां से चिंगारियां भी निकलने लगीं. इस दौरान फायर अलार्म बजने लगे और कोच की लाइटें बार-बार बंद और चालू होने लगीं. अचानक बने इस माहौल से यात्री घबरा गए और बिना सामान समेटे ही कोच से बाहर निकलने लगे। 

चेन खींचकर रोकी गई ट्रेन
स्थिति को गंभीर होते देख यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने तुरंत चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई. ट्रेन रुकते ही यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला. अधिकारियों की सतर्कता और यात्रियों की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया। 

रेलवे की टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के करीब 35 अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे. टीम ने प्रभावित कोच का निरीक्षण किया और आग लगने के कारणों की प्रारंभिक जांच की. सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं की जांच के बाद ट्रेन को आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई। 

यात्रियों को दूसरे कोच में किया शिफ्ट
घटना के बाद B2 कोच के सभी यात्रियों को आसपास के सुरक्षित कोचों में स्थानांतरित किया. इसके बाद यात्रियों ने अपनी आगे की यात्रा दूसरे डिब्बों में पूरी की. रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं. फिलहाल रेलवे अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जानकारी में एसी पैनल से आग और धुआं निकलने की बात सामने आई है, लेकिन आग लगने की असली वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। 

 

महिला यात्री ने सबसे पहले देखा धुआं
प्रांरभिक जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 4 बजे के आसपास वॉशरूम जा रही एक महिला यात्री ने टॉयलेट गेट के पास से धुआं निकलते देखा. महिला ने तुरंत इसकी जानकारी कोच स्टाफ को दी, जिसके बाद ट्रेन को रोक दिया गया. हालांकि, तबतक ट्रेन के कोच में काफी धुआं भर गया था और यात्री बुरी तरह घबरा गए थे. बाद में शॉर्ट सर्किट वाली जगह को चेक किया गया और यात्रियों को दूसरे कोच में शिफ्ट किया गया. ट्रेन इस दौरान किरतपुर स्टेशन पर 1 घंटे से ज्यादा समय तक खड़ी रही। 

इटारसी स्टेशन पर बदला गया कोच
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक पैनल में आग लगने से धुआं उठा था लेकिन आग बढ़ नहीं पाई. सभी यात्रियों को बी-1 कोच में एडजस्ट कर इटासी स्टेशन लाया गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व कई रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे. वहीं, इटारसी पर मौजूद रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, '' ट्रेन से बी-2 कोच को अलग कर नया कोच लगाया गया और यात्रियों को शिफ्ट कर ट्रेन को रवाना कर दिया गया. किसी भी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। 

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