निवाड़ी
रामनवमी के शुभ अवसर पर ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी ओरछा एक बार फिर आस्था और भक्ति के रंग में रंगने जा रहा है। श्रीराम नवमी पर ओरछा में तीन दिवसीय आयोजन होगा। जिसमें आज राम नगरी में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें कोलकाता से आए कारीगर और दिल्ली से आए दो ट्रक फूलों से राम राजा सरकार का दरबार सजाया जाएगा।
साल में दो बार ही होती है मंगला आरती
निवाड़ी जिले के धार्मिक नगरी ओरछा में श्रीराम नवमी के पर्व पर तीन दिवसीय खास आयोजन किया जाएगा। बुंदेलखंड के लोग यहां पर अपने आराध्य श्रीराम को राजा के रूप में पूजते हैं, ऐसे में उनके जन्मोत्सव पर हर साल खास आयोजन किए जाते हैं। जिसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी हैं। 6 अप्रैल को श्रीराम नवमी के पर्व पर दोपहर 12:00 बजे जहां विधि-विधान से भगवान के जन्मोत्सव की रस्म अदा की जाएगी। तो इसी दिन शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा की खास बात यह होती है कि यहां पर मां कौशल्या की जगह रानी कुंवर गणेश की झांकी सजाई जाती है। वहीं 7 अप्रैल की सुबह 5:00 बजे मंगला आरती होगी तो 8 अप्रैल को भगवान की पालना झांकी सजाई जाएगी और हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचेंगे। बता दें कि, श्रीराम नवमी के बाद की मंगला आरती का यहां पर विशेष महत्व होता है। वर्ष में दो बार ही भगवान की मंगला आरती की जाती है।
बनाए जा रहे 25 क्विंटल बूंदी के शुद्ध देशी घी के लड्डू
राम राजा मंदिर के व्यवस्थापक तहसीलदार सुमित गुर्जर ने बताया कि, भगवान के जन्मोत्सव पर मंदिर के प्रांगण को सजाने के लिए दिल्ली से दो ट्रक फूल मंगाए गए हैं। इसके साथ ही कोलकाता से कारीगर भी आए हैं। जो इन फूलों से मंदिर को सजाएंगे। वहीं श्रीराम नवमी पर आने वाले श्रद्धालुओं को लड्डुओं का प्रसाद दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए 25 क्विंटल बूंदी के शुद्ध देशी घी के लड्डू बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसका प्रसाद अर्पित होने के बाद श्रद्धालुओं को दिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे मंदिर की फूलों से आकर्षक सज्जा की जाएगी। उन्होंने बताया कि श्रीराम नवमी पर भगवान पीली बसंती रंग की पोशाक धारण करेंगे।
ओरछा नगर पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल राजपूत ने बताया कि, रामनवमी के दिन ओरछा में पधार रहे श्रद्धालुओं के लिए नगर पंचायत द्वारा जगह-जगह ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है। साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया गया है। पूरे नगर में लाइट की व्यवस्था की गई है। खंभों पर जगह-जगह लाइट लगाई जाएगी। और पूरी नगर को झालरों से सजाया जाएगा।