दुर्ग.
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) अंतर्गत तीसरे चरण की लॉटरी स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मौजूदगी में निकाली गई। दो चरणों के बाद निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रारंभिक कक्षाओं में रिक्त पदों की कुल संख्या 540 थी। इनमें से 156 सीट तीसरी लॉटरी में आवंटित किया गया है। इस तरह तीसरी लॉटरी के बाद भी आरटीई की 384 सीटें रिक्त रह गई हैं।
खालसा पब्लिक स्कूल में आयोजित निजी स्कूलों के समारोह के बीच गुरुवार को मंत्री गजेंद्र यादव ने बटन दबाकर तीसरे चरण की लॉटरी की प्रक्रिया पूरी की। लाटरी के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर, आरटीई कक्ष प्रभारी राजदीप तथा विपिन मौजूद थे। इस चरण की लॉटरी में कुल 840 आवेदक शामिल थे, जिसमें से 156 नये आवेदन है, एवं 684 पूर्व में जो प्रतीक्षा सूची में थे। तमाम प्रयासों के बाद भी वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में ये सीटें नहीं भर पाएंगी। प्रवेश के लिए 17 से 27 अगस्त तक की तिथि निर्धारित की गई है।
ऑनलाइन आरटीई पोर्टल के माध्यम से निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत सत्र 2026-27 के लिए तृतीय एवं अंतिम चरण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई। पहले दो चरणों में सीटों के नहीं भरने की स्थिति में तीसरे चरण के लिए समय सारणी जारी किया जा चुका है। दूसरी लाटरी के लिए बची 635 सीटों में लाटरी से 150 बच्चों सीटों का आवंटन हुआ है, मगर दूसरी लॉटरी के बाद भी 540 सीटें खाली रह गई। इन 540 सीटों को भरने तीसरे व अंतिम चरण की लॉटरी निकाली गई। वैसे आरटीई के तहत जिले के निजी विद्यालयों प्रवेश के लिए कुल 1581 सीटें निर्धारित थी। इतने सीटों के लिए प्रथम चरण की लॉटरी निकाली गई।
प्रथम चरण की लॉटरी के बाद 1059 बच्चों को स्कूल आवंटित हुआ, लेकिन प्रथम चरण में 946 बच्चे ही प्रवेश लिए। प्रथम चरण की लॉटरी के बाद शेष बचे 481 सीट तथा ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या की वजह से द्वितीय चरण के लिए कुल सीटों की संख्या 635 हो गई। इन 635 सीटों में से 150 बच्चों को द्वितीय चरण की लॉटरी से स्कूल का आबंटन हुआ है। प्रथम एवं द्वितीय चरण में 1041 छात्रों के प्रवेश पश्चात कुल 540 सीट रिक्त रह गई थी।
