TIL Desk लखनऊ:
स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान…………….कोई भी जन विरोधी फैसला सरकार लेती है अपनी जनता पार्टी सड़कों पर संघर्ष के माध्यम से बैकफुट पर लाने की पूरी ताकत रखती है | सरकार जनता के हितो के लिए बनती है | जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए योजनाएं बनानी चाहिए | डबल इंजन की सरकार वो कहीं की हो हर जगह और आलोकतांत्रिक और आसंवैधानिक रास्ता अपनाती है लोकतंत्र को दबाने कोशिश करती हैं |
दिल्ली में जिस तरह से छात्रों पर अत्याचार किया जाता है | परीक्षाओं में अनिमितताये देखने को मिल रही | छात्रों में जन आंदोलन के माध्यम से शिकायत अपनी आवाज केंद्र सरकार को पहुंचने की कोशिश की | संवेदनशीलता से समस्या को निपटने की बजाय लाठी चार्ज किया गया थाने पर रात में बैठाया गया | सरकार की जिम्मेदारी है छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर समय रहते उनको निस्तारण करे | सभी स्कूल 1 किलोमीटर के अंदर नहीं है क्योंकि जो मानक है वो एक किलोमीटर के बाहर का है |
सरकार को तानाशाही छोड़कर लोकतंत्र के तहत काम करना चाहिए | सरकार प्राथमिक विद्यालयों को बेहतर बनाएं पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती करें | 15000 स्कूल ऐसे हैं जिनमें एक शिक्षक तैनात है | ये अंतरराष्ट्रीय मामला है देश के प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति मिलकर बातचीत करेंगे हां ये जरूर है कि भारत का सम्मान और सर ऊंचा रहे ऐसा कुछ होना चाहिए |
अपनी जनता पार्टी में स्कूल मर्जर को लेकर के अपने आंदोलन को खत्म नहीं किया है अपनी जनता पार्टी अगर सरकार कोई कूटनीति के तहत कुछ गलत करेंगी तो उसका विरोध करेगी अपनी जनता पार्टी |
अपनी जनता पार्टी ने देशव्यापी प्रदर्शन किया इसको लेकर के योगी सरकार बैक फुट पर आई इसको लेकर के योगी सरकार ने स्कूल बंद करने का फैसला वापस लेना पड़ा | आंदोलन को देखते हुए मजबूरी में फैसला लेना पड़ा योगी सरकार को | अपनी जनता पार्टी इस फैसले का स्वागत करती है |
प्रदेश मुख्यालय पर धरना दिया | जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन और विकास खंडों में विरोध किया गया जनता का समर्थन मिला स्कूली छात्राओं ने भी बड़े हिस्से में भागीदारी की अभिभावकों ने भी इस आंदोलन में साथ खड़े हुए |जिसको लेकर के सरकार ने फैसला वापस लिया लोकतंत्र की जीत है अपनी जनता पार्टी की कार्यकर्ता की जीत है |
छात्र-छात्राओं की जीत है अभिभावकों की जीत है | सरकार झुकती है झुकाने वाला चाहिए ये साबित हुआ है | 27764 स्कूल बंद होने से 13 लाख बच्चों की शिक्षा बाधित होने जा रही थी | 54 000 रसोईया प्रभावित हो रहे थे शिक्षामित्र की नौकरी खतरे में पड़ने जा रही थी | अब ये सब लोग सुरक्षित है | अपनी जनता पार्टी कड़ा विरोध किया था | जहां भी स्कूल बंद हुए थे उनको केंद्र मानकर कड़ा विरोध किया था | इस विषय पर सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई है |
