उमरिया
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पास भरहुत गांव में एक बहादुर जर्मन शेफर्ड कुत्ते ने अपने परिवार को बाघ के हमले से बचाया। दो दिन पहले हुई इस घटना में कुत्ता घायल हो गया, लेकिन उसने बाघ को भगाकर अपने परिवार की जान बचाई। इसके बाद परिवार के लोग इलाज के लिए अस्पताल ले गए थे। इलाज के बाद कुत्ते की मौत हो गई है।
बाघ ने हमला करने की कोशिश
भरहुत गांव में शिवम बढ़गैया के परिवार पर एक बाघ ने हमला करने की कोशिश की। तभी उनके पालतू जर्मन शेफर्ड कुत्ते ने बाघ का सामना किया और परिवार को बचा लिया। इस बहादुरी के दौरान कुत्ता घायल हो गया, लेकिन उसने बाघ को भगा दिया। पशु चिकित्सक डॉक्टर अखिलेश सिंह कुत्ते का इलाज कर रहे हैं। डॉक्टर सिंह के अनुसार, कुत्ते के घाव गंभीर हैं, लेकिन वह जल्द ही ठीक हो जाएगा। हालांकि गांव पहुंचने के बाद कुत्ते की मौत हो गई है।
जंगल से निकलकर गांव आ गया बाघ
घटना रात के समय हुई जब परिवार घर के अंदर था। अचानक एक बाघ जंगल से निकलकर गांव में आ गया और बढ़गैया के घर में घुसने की कोशिश की। घर के आंगन में मौजूद जर्मन शेफर्ड ने बाघ को देखते ही भौंकना शुरू कर दिया और उसका रास्ता रोक लिया। बाघ कुछ देर के लिए रुक गया, लेकिन फिर उसने कुत्ते पर हमला कर दिया। कुत्ते ने भी बहादुरी से बाघ का मुकाबला किया।
बाघ से भिड़ गया जर्मन शेफर्ड
शिवम बढ़गैया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम सब रात में घर के अंदर थे। तभी जंगल से एक बाघ निकलकर हमारे घर में घुस आया। हमारे जर्मन शेफर्ड कुत्ते ने बाघ को देखकर भौंकना शुरू कर दिया और उसका रास्ता रोक लिया। कुत्ते को अपने सामने देखकर बाघ कुछ देर के लिए स्तब्ध खड़ा रह गया, लेकिन अचानक बाघ ने उस पर हमला कर दिया।
बूढ़ा होने के बावजूद लड़ा
बढ़गैया ने आगे बताया कि हमारा कुत्ता बूढ़ा होने के बावजूद बाघ का डटकर मुकाबला किया। बाघ ने एक झपट्टा मारकर कुत्ते को अपने साथ खींच ले गया। कुछ दूर ले जाकर बाघ ने कुत्ते को मारने की कोशिश की, लेकिन हमारा कुत्ता फिर पूरी ताकत से उठ खड़ा हुआ और बाघ के सामने गुर्राने लगा। जब बाघ कुत्ते को मार नहीं पाया तो वह वहां से भाग गया।
गांव के लोग मचाने लगे शोर
इस लड़ाई के दौरान गांव के लोग जाग गए और शोर मचाने लगे। इससे डरकर बाघ जंगल में वापस भाग गया। घायल कुत्ते को तुरंत उठाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद अगले दिन सुबह अस्पताल ले जाया गया।
ग्रामीणों ने नवभारत टाइम्स.कॉम को बताया कि बाघ ने उस रात कई कुत्तों पर हमला किया। इनमें कुछ का शिकार भी किया है। अपने मालिक की जान बचाने वाले कुत्ते की मौत हो गई है क्योंकि वह गंभीर रूप से घायल था।
झपट्टा मारकर खींच ले गया बाघ
शिवम बढ़गैया ने बताया कि उनका जर्मन शेफर्ड डॉग वरिष्ठ होने के बावजूद बाघ का ज्यादा देर सामना नहीं कर पाया और एक झपट्टा मारकर बाघ डॉग को अपने साथ खींच ले गया। कुछ दूर ले जाकर बाघ ने डॉग को मारने की कोशिश की, लेकिन डॉग फिर पूरी ताकत के साथ उठ खड़ा हुआ और बाघ के सामने गुर्राने लगा।
कुछ देर के प्रयास के बाद जब बाघ डॉग को मारने में सफल नहीं हुआ तो वहां से वापस लौट गया। डॉग और बाघ की इस लड़ाई के दौरान गांव के लोग जाग चुके थे और वे भी शोर मचाते हुए बाहर आ गए। जिसकी वजह से बाघ जंगल के अंदर चला गया।