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गुड़ी पाड़वा: खुशहाली और अच्छाई की जीत का प्रतीक

गुड़ी पाड़वा: खुशहाली और अच्छाई की जीत का प्रतीक

TIL Desk मुंबई:👉गुड़ी पाड़वा महाराष्ट्र के नए साल की शुरुआत का त्यौहार है, जिसे महाराष्ट्र और देश के कई हिस्सों में बड़े उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाता है। यह त्यौहार नई शुरुआत, खुशहाली और अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस गुड़ी पाड़वा पर ज़ी टीवी के कलाकारों ने बताया कि उनके लिए यह त्यौहार क्या मायने रखता है।

‘तुम से तुम तक’ में आर्या का किरदार निभा रहे शरद केलकर कहते हैं, “मेरे लिए गुड़ी पाड़वा हमेशा सिर्फ एक त्यौहार नहीं रहा, यह नई शुरुआत की भावना का प्रतीक है। यह हमें उम्मीद और नए जोश के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।” ‘तुम से तुम तक’ में गोपाल का किरदार निभा रहे समीर पाटिल कहते हैं, “गुड़ी पाड़वा हमारे घर में हमेशा से बहुत खास दिन रहा है।” ‘लक्ष्मी निवास’ में विवेक का किरदार निभा रहे हेमंत ठट्टे कहते हैं, “गुड़ी पाड़वा महाराष्ट्र की संस्कृति की खूबसूरती को बहुत अच्छे से दिखाता है।” ‘वसुधा’ में चंद्रिका का किरदार निभा रहीं परिणीता बोरठाकुर कहती हैं, “हर त्यौहार अपने साथ उम्मीद और नई शुरुआत का संदेश लेकर आता है और गुड़ी पाड़वा भी वही एहसास देता है।”

‘जाने अनजाने हम मिले’ में शारदा बुआ का किरदार निभा रहीं जयती भाटिया कहती हैं, “ मेरा हमेशा से मानना रहा है कि त्यौहार हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखते हैं।” ‘गंगा माई की बेटियां’ में दुर्गावती का किरदार निभा रहीं इंदिरा कृष्णन ने कहा, “हमारी परंपराओं में गहरी समझ छिपी होती है। गुड़ी ताकत और हिम्मत का प्रतीक मानी जाती है।” ‘जगद्धात्री’ में जगद्धात्री का किरदार निभा रहीं सोनाक्षी बत्रा कहती हैं, “गुड़ी पाड़वा महाराष्ट्र के पारंपरिक नए साल की शुरुआत का त्यौहार है और इस दिन घर के बाहर या खिड़की के पास गुड़ी फहराई जाती है, जो जीत, खुशकिस्मती और सकारात्मकता का प्रतीक होती है।”

‘जगद्धात्री’ में रेखा का किरदार निभा रहीं गीता त्यागी कहती हैं, “ चाहे गुड़ी सजाना हो, त्यौहार का खाना बनाना हो या परिवार के साथ समय बिताना हो, ये छोटी छोटी परंपराएं हमें रुककर जीवन के छोटे पलों की खुशी महसूस करना सिखाती हैं।” ‘सरू’ में सरू का किरदार निभा रहीं मोहक मटकर कहती हैं, “गुड़ी पाड़वा मेरे लिए हमेशा बहुत खास त्यौहार रहा है, क्योंकि यह उम्मीद और सकारात्मकता के साथ एक नई शुरुआत का प्रतीक है। एक परंपरा जो मुझे हमेशा पसंद रही है, वह है हर साल गुड़ी सजाकर घर की खिड़की पर लगाना। यह एक छोटा सा रिवाज है, लेकिन इससे पूरे घर में त्यौहार की ऊर्जा और अपनी संस्कृति पर गर्व का एहसास भर जाता है।”

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