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लखनऊ: संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में “आजाद रूह” की भावपूर्ण प्रस्तुति

लखनऊ: संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में “आजाद रूह” की भावपूर्ण प्रस्तुति

TIL Desk लखनऊ:👉संत गाडगे महाराज प्रेक्षागृह, गोमती नगर लखनऊ में कल्चरल क्वैस्ट संस्था द्वारा कथक गुरु सुरभि सिंह ने सुप्रसिद्ध लेखिका अमृता प्रीतम के जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिका “आजाद रूह” का भव्य मंचन किया। इस प्रस्तुति में अमृता प्रीतम के जीवन संघर्ष, प्रेम और विभाजन की पीड़ा को कथक की लय और भावभंगिमा में पिरोकर दर्शकों के सामने जीवंत किया गया।

नृत्य-नाटिका का लेखन, संगीत, वॉयस ओवर और निर्देशन स्वयं कथक गुरु सुरभि सिंह ने किया। उन्होंने अमृता प्रीतम की भूमिका निभाते हुए अपने शिष्यों के साथ मंच पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। बाल्यकाल से लेकर भारत-पाक विभाजन के दर्द और स्त्री संवेदना को दर्शाती उनकी प्रसिद्ध रचनाओं को तबले की थाप और घुंघरुओं की झंकार के साथ कथक शैली में प्रस्तुत किया गया।

“उठो वारिस शाह”, “मजबूर” और “तवारीफ़ा” जैसी नज़्मों के संगीतमय मंचन पर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं। प्रस्तुति में अमृता प्रीतम के जीवन से जुड़े शायर साहिर लुधियानवी के त्याग और कलाकार इमरोज़ के प्रेम की पराकाष्ठा को भी भावपूर्ण ढंग से दर्शाया गया। कार्यक्रम के दौरान लेखक संजय मल्होत्रा की पुस्तक “रांझा मेरा” का लोकार्पण मुख्य अतिथि बृजेश पाठक (उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश) सहित विशिष्ट अतिथियों लक्ष्मी नारायण चौधरी, दया शंकर सिंह और नम्रता पाठक की उपस्थिति में किया गया।

कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मानित साहित्यकार विद्या बिंदु सिंह एवं कृष्ण कन्हाई सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। संगीत में पं. धर्मनाथ मिश्र के गायन, मिश्र की तबला संगति और दीपेंद्र कुँवर की बांसुरी ने नृत्य-नाटिका को और प्रभावी बनाया।

सुरभि सिंह के साथ ईशा रतन, मीशा रतन, अंकिता मिश्रा, आकांक्षा पाण्डे, अंजूल, पियूष, अनुभव, सृष्टि, महेश चन्द्र देवा, विकास दुबे, अखिलेश, आरती, सुन्दर, इशिका, मानसी, पवन सिंह चौहान, संगीता, सीमा सहित लगभग 25 कलाकारों ने मंच को जीवंत कर दिया। शकील द्वारा तैयार किए गए सेट को गोविन्द ने प्रकाश सज्जा से आकर्षक रूप दिया, वहीं मुख सज्जा में मनोज और शहीर का योगदान रहा।

कार्यक्रम के दौरान साहित्य जगत की 11 विभूतियों को “अमृता प्रीतम सम्मान” से सम्मानित किया गया। संस्था के अध्यक्ष जे. बी. सिंह, उपाध्यक्ष केशव नाथ त्रिपाठी और कोषाध्यक्ष राम उग्रह शुक्ल सहित पदाधिकारियों एवं कला प्रेमियों ने “आजाद रूह” की प्रस्तुति की सराहना करते हुए भविष्य में भी साहित्य और नृत्य के ऐसे अभिनव संगम की कामना की।

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